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नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में बैंक गार्ड की बंदूक से निकली गोली लगने से हुई मनीष की मौत के बाद उसके पैतृक गांव इसापुर में शोक का माहौल है। अचानक हुई इस घटना ने परिवार और ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि मनीष छह बहनों के बीच इकलौता और सबसे छोटा भाई था, जिसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
घटना के बाद से इसापुर गांव में लोग मनीष के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मनीष मिलनसार स्वभाव का था और गांव में सभी के साथ अच्छे संबंध रखता था। उसकी असमय मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं और परिवार के दुख में शामिल हो रहे हैं।
परिजनों के मुताबिक, मनीष परिवार की उम्मीदों का सहारा था। छह बहनों के बीच अकेला भाई होने के कारण परिवार में उसकी विशेष भूमिका थी। उसकी मौत से न केवल माता-पिता बल्कि बहनों पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मनीष शांत स्वभाव का युवक था और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को समझता था। वह अपने परिजनों की जरूरतों का ध्यान रखता था और सभी के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करता था। उसकी अचानक मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि पश्चिमी दिल्ली में एक बैंक परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चल गई, जिसकी चपेट में आने से मनीष की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गोली किस परिस्थिति में चली और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मनीष के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब उनके बीच नहीं है। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में तैनात लोगों को हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मनीष की मौत केवल उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए बड़ी क्षति है। ग्रामीणों का कहना है कि एक परिवार का इकलौता बेटा इस तरह चला जाना बेहद पीड़ादायक है।
मनीष के परिवार की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन और सामाजिक संगठनों से मदद की अपील भी की है। उनका कहना है कि परिवार को इस कठिन समय में भावनात्मक और आर्थिक सहयोग की जरूरत है।
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा कर्मियों द्वारा हथियारों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने ला दिया है। बैंक और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात गार्ड को हथियारों की सुरक्षा और संचालन के लिए निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं, इसापुर गांव में मनीष की यादें और उसके परिवार का दर्द हर किसी को भावुक कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि छह बहनों के इकलौते भाई की कमी परिवार और गांव को हमेशा महसूस होती रहेगी।





