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नई दिल्ली। देश में चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा विपक्षी कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को भाजपा सांसद मल्लेश बाबू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार वोट चोरी करके सत्ता में आई है, ऐसा कहना सही नहीं है। मल्लेश बाबू ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की चुनावी जीत का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि क्या केवल भाजपा की जीत को ही वोट चोरी से जोड़ना उचित है।दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने दावा किया कि सरकार ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर किया है, जिससे कथित वोट चोरी को आसान बनाया जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से मुलाकात करेंगे।दोनों दलों के नेताओं के इन बयानों के बाद चुनावी प्रक्रिया, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं।
खड़गे के आरोपों पर भाजपा सांसद का जवाब
भाजपा सांसद मल्लेश बाबू ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनके जैसे अनुभवी नेता से इस तरह की टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जाती।उन्होंने कहा कि खड़गे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें चुनावी प्रक्रिया तथा राजनीतिक परिस्थितियों का व्यापक अनुभव है।मल्लेश बाबू ने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे बहुत वरिष्ठ नेता हैं। मुझे लगता है कि वे 50 से ज्यादा वर्षों से राजनीति में हैं। उनका यह कहना कि भाजपा या एनडीए सरकार वोट चोरी करके सत्ता में आई है, सही नहीं है।"भाजपा सांसद ने कहा कि चुनावों में केवल एनडीए ही जीत हासिल नहीं करता, बल्कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भी विभिन्न चुनावों में जीतते रहे हैं। ऐसे में चुनाव परिणामों को लेकर अलग-अलग मानदंड अपनाना उचित नहीं है।
विपक्ष की जीत पर भी उठाया सवाल
मल्लेश बाबू ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब उन परिणामों को स्वीकार किया जाता है, लेकिन भाजपा या एनडीए की जीत पर वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं।उन्होंने पूछा कि क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि जहां एनडीए जीतती है, वहां वोट चोरी होती है और जहां विपक्षी दल जीतते हैं, वहां चुनावी प्रक्रिया सही होती है।भाजपा सांसद ने इस तरह के आरोपों को अनुचित बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते समय एक समान दृष्टिकोण रखना चाहिए।उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ विपक्षी नेताओं से इस प्रकार के बयानों से बचने की अपील की। उनके अनुसार, लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेताओं को चुनावी प्रक्रिया पर टिप्पणी करते समय जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर किया जा रहा है।खड़गे ने दावा किया कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कथित वोट चोरी के मुद्दे को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जोड़ा।कांग्रेस अध्यक्ष ने देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात होने का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन्हें भाजपा ने खारिज किया है। चुनाव आयोग भी चुनावी अनियमितताओं के आरोपों से इनकार कर चुका है।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे राहुल और खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि वह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार, 12 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से मुलाकात करेंगे।खड़गे के अनुसार, दोनों नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए शाम चार से पांच बजे के बीच का समय मांगा है। इस दौरान वे कथित वोट चोरी, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और देश में हाल के विरोध प्रदर्शनों से संबंधित अपनी चिंताओं से अवगत कराएंगे।खड़गे ने स्पष्ट किया कि वे मुख्य न्यायाधीश से कोई आदेश देने की मांग नहीं करेंगे, बल्कि स्थिति से अवगत कराकर हस्तक्षेप का अनुरोध करेंगे।
वोट चोरी के मुद्दे पर सियासी टकराव
कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों से संबंधित सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को गलत बता रही है।भाजपा सांसद मल्लेश बाबू ने कहा कि चुनावों में विपक्षी दलों को भी सफलता मिलती है। इसलिए केवल एनडीए की जीत पर वोट चोरी का आरोप लगाना उचित नहीं है।दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है। पार्टी इस मुद्दे पर अपनी चिंताओं को संवैधानिक स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।फिलहाल कथित वोट चोरी के आरोपों पर दोनों दलों के रुख अलग-अलग हैं। इन आरोपों की सत्यता किसी स्वतंत्र न्यायिक निष्कर्ष से स्थापित नहीं हुई है। ऐसे में राजनीतिक दावों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात पर रहेगी नजर
रविवार को मल्लेश बाबू और मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोनों दलों की असहमति को एक बार फिर सामने ला दिया है।अब सोमवार को प्रस्तावित राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से मुलाकात पर ध्यान रहेगा। कांग्रेस नेतृत्व इस दौरान चुनाव आयोग और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़ी अपनी चिंताएं सामने रखने की बात कह चुका है।
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