- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- जले नोटों के मामले में...
दिल्ली-एनसीआर
जले नोटों के मामले में बड़ा अपडेट जस्टिस यशवंत वर्मा पर जांच रिपोर्ट संसद में
Ratna Netam
12 Aug 2026 3:35 PM IST

x
नई दिल्ली : इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा के पटल पर रख दी गई। संसद के मॉनसून सत्र 2026 के समापन से ठीक एक दिन पहले रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच के दौरान किसी तरह की साजिश के संकेत नहीं मिले। हालांकि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायाधीश के सरकारी आवास के परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का पाया जाना ऐसा विषय नहीं है जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है।
यह जांच न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत की गई थी। समिति ने मामले से जुड़े मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का विस्तार से परीक्षण किया। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और समिति के समक्ष हुई कार्यवाही को शामिल किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समिति ने यह भी उल्लेख किया कि जस्टिस यशवंत वर्मा जांच के दौरान पूछे गए कुछ सवालों के स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट इसी वर्ष मई में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी।
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार ने की। इसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य को सदस्य बनाया गया था। समिति का उद्देश्य आरोपों की जांच कर तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करना था।
पूरा विवाद 14 मार्च 2025 की रात सामने आया था। उस समय नई दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास में आग लगने की घटना हुई थी। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान परिसर के एक स्टोर रूम में कथित तौर पर भारी मात्रा में अधजली और बिना जली नकदी बरामद होने की बात सामने आई। इस घटना के बाद न्यायपालिका और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी।
घटना के समय जस्टिस यशवंत वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। विवाद बढ़ने के बाद उनका तबादला उनके मूल कैडर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया। बाद में उन्होंने न्यायाधीश के पद से इस्तीफा दे दिया। इस पूरे मामले ने न्यायपालिका की जवाबदेही और न्यायाधीशों के आचरण से जुड़े कई सवाल खड़े किए थे।
इससे पहले तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश भारत संजीव खन्ना की ओर से गठित आंतरिक न्यायिक समिति ने भी मामले की जांच की थी। उस जांच में यह निष्कर्ष सामने आया था कि जिस स्टोर रूम से नकदी बरामद होने की बात कही गई, उस पर जस्टिस वर्मा का सक्रिय या अप्रत्यक्ष नियंत्रण था। इसके बाद मामला संसद तक पहुंचा और न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया से जुड़ी कार्रवाई आगे बढ़ी।
जुलाई 2025 में 200 से अधिक सांसदों ने जस्टिस वर्मा को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया शुरू करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत वैधानिक जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। जस्टिस वर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को साजिश बताया था।
अब लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने के बाद इस मामले को लेकर आगे की संसदीय प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। रिपोर्ट में जहां किसी साजिश के प्रमाण नहीं मिलने की बात कही गई है, वहीं सरकारी आवास में बड़ी मात्रा में नकदी की मौजूदगी को गंभीर और अनदेखा न किए जाने वाला विषय बताया गया है। ऐसे में रिपोर्ट के निष्कर्ष न्यायपालिका की जवाबदेही और न्यायाधीशों के आचरण से जुड़े व्यापक विमर्श में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इस मामले में आगे की कार्रवाई रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों और संसद की प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। फिलहाल रिपोर्ट के लोकसभा में पेश होने के साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहे जस्टिस यशवंत वर्मा प्रकरण ने एक नया चरण प्रवेश किया है।
TagsBurnt notesupdateJustice Yashwant Vermainvestigationreportजले नोटोंअपडेट जस्टिसयशवंत वर्माजांचरिपोर्टजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





