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मुंबई पर मंडराया बड़ा खतरा सत्य निकेतन हादसे पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
Ratna Netam
7 Sept 2026 7:01 PM IST

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नई दिल्ली। देश-दुनिया में सोमवार, 7 सितंबर को कई बड़ी खबरें चर्चा में रहीं। मुंबई पर बढ़ते समुद्री जलस्तर का खतरा हो या दिल्ली के सत्य निकेतन में सात लोगों की जान लेने वाला बिल्डिंग हादसा, कई घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा। दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे पर नगर निकाय और दिल्ली विश्वविद्यालय की भूमिका को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की है। वहीं मुंबई में BMC ने बढ़ते समुद्री जलस्तर के खतरे को देखते हुए नया क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट शुरू किया है। पढ़िए दिन की चार बड़ी खबरें।
1. मुंबई को निगल सकता है समंदर? 149 KM तटरेखा की होगी जांच
समुद्र किनारे बसे मुंबई शहर पर जलवायु परिवर्तन और बढ़ते समुद्री जलस्तर का खतरा गंभीर होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में समुद्र के बढ़ते स्तर से मुंबई जैसे तटीय शहरों के लिए स्थायी जलभराव का खतरा बताया गया है। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC ने शहर का नया क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट शुरू किया है।
इस अध्ययन में मुंबई की करीब **149 किलोमीटर लंबी तटरेखा** की जांच होगी। यह पता लगाया जाएगा कि समुद्र का स्तर बढ़ने पर कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं और वहां कितनी आबादी जोखिम में है।
संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार 2024 में वैश्विक समुद्री जलस्तर में रिकॉर्ड 5.9 मिलीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी। वर्ष 2100 तक इसमें कम से कम आधा मीटर की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जबकि बेहद खराब परिस्थितियों में यह वृद्धि दो मीटर तक हो सकती है। BMC की नई रिपोर्ट अगले साल आने की उम्मीद है।
2. सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने नगर निगम और दिल्ली विश्वविद्यालय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए हालात को बेहद चिंताजनक बताया।
हाईकोर्ट ने MCD से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने को कहा है। साथ ही पीजी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और ऑडिट का मुद्दा भी उठाया गया। कोर्ट ने सवाल किया कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी पीजी पर निर्भर हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे सुनिश्चित की जा रही है।
हादसे के बाद पांच MCD अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार किया गया है।
3. दिल्ली हादसे में सात लोगों की मौत, छह घायल
सत्य निकेतन हादसे में मरने वालों की संख्या सात तक पहुंच गई है, जबकि छह लोग घायल हुए हैं। पांच मंजिला इमारत में लड़कों का पीजी संचालित किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम होने की बात भी सामने आई है।
इमारत 50 साल से ज्यादा पुरानी बताई गई है। शुरुआती जांच में बेसमेंट में काम और पानी जमा होने जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, लेकिन बिल्डिंग गिरने की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर नई नीति तैयार करने की बात कही है। इसमें हॉस्टल और स्कूल जैसी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और सुरक्षा प्रमाणपत्र पर जोर दिया जा सकता है।
4. सुप्रीम कोर्ट में जल्द भरी जाएंगी चार खाली सीटें
देश की न्यायपालिका से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। सभी 25 हाईकोर्ट में नियमित मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का ध्यान शीर्ष अदालत में खाली पदों को भरने पर है।
सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल चार पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाए जाने के बाद ये रिक्तियां बनी हैं। आने वाले समय में कॉलेजियम नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों पर विचार कर सकता है।
नई नियुक्तियों में वरिष्ठता के साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक विविधता जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिए जाने की संभावना है। नवंबर में जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के रिटायर होने के बाद एक और पद खाली होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्तियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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