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88 साल के बुजुर्ग को बेची पॉलिसी
नई दिल्ली: भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 88 साल के बुजुर्ग को नियमों के विपरीत बीमा पॉलिसी बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला एक डिफर्ड एन्युटी पॉलिसी की मिस-सेलिंग से जुड़ा है, जिसे कंपनी के कॉरपोरेट एजेंट केनरा बैंक के जरिए बुजुर्ग ग्राहक को बेचा गया था। मामले में पॉलिसीधारक की उम्र 88 साल थी, जबकि संबंधित बीमा उत्पाद में प्रवेश की निर्धारित उम्र 30 से 80 साल थी। इसके बावजूद पॉलिसी जारी कर दी गई। इस पॉलिसी का सालाना प्रीमियम दो लाख रुपये और प्रीमियम भुगतान की अवधि चार साल थी। ग्राहक की बेटी को एन्युटेंट बनाया गया था।
सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आया मामला
यह मामला उस समय नियामक के संज्ञान में आया जब सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक पोस्ट सामने आई। IRDAI ने इसका स्वतः संज्ञान लेते हुए बीमा कंपनी से जवाब मांगा। जांच में पॉलिसी की बिक्री प्रक्रिया से लेकर ग्राहक की पात्रता और वित्तीय स्थिति के आकलन तक कई गंभीर कमियां सामने आईं। IRDAI ने पाया कि 88 साल की उम्र और हर साल दो लाख रुपये के बड़े प्रीमियम भुगतान के बावजूद यह पर्याप्त रूप से नहीं परखा गया कि संबंधित पॉलिसी ग्राहक की जरूरतों और आर्थिक स्थिति के लिए उपयुक्त थी या नहीं। नियामक के अनुसार यह मामला केवल उम्र सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं था, बल्कि बिक्री और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया में कमियां थीं।
दस्तावेज और वेरिफिकेशन में भी कमियां
जांच में ग्राहक से की गई वेरिफिकेशन कॉल, प्रपोजल फॉर्म और पॉलिसी की विशेषताओं की जानकारी देने की प्रक्रिया में भी खामियां मिलीं। पॉलिसी के लाभ समझाने वाले दस्तावेज पर ग्राहक की सत्यापन योग्य स्वीकृति नहीं थी। ग्राहक को बिक्री के समय कस्टमर इंफॉर्मेशन शीट और प्रपोजल फॉर्म की कॉपी भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इतना ही नहीं, पॉलिसी जारी होने से पहले ही प्रीमियम लिया गया था। प्रीमियम भुगतान की अवधि के दौरान प्रस्तावक की मृत्यु होने की स्थिति में क्या परिणाम होंगे, इसकी पर्याप्त जानकारी भी ग्राहक को नहीं दी गई थी। IRDAI ने इन सभी कमियों को पॉलिसीधारक के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं किए जाने और मिस-सेलिंग का मामला माना।
ग्राहक को लौटाए 4.09 लाख रुपये
मामला सामने आने के बाद कंपनी ने पॉलिसीधारक से संपर्क किया। ग्राहक के अनुरोध पर 4.09 लाख रुपये का पूरा प्रीमियम वापस कर दिया गया, जिसमें दूसरे वर्ष का प्रीमियम भी शामिल था। संबंधित कमीशन को भी वापस लिया गया। इसके बावजूद नियामक ने नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए कंपनी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। IRDAI ने कंपनी को केनरा बैंक के माध्यम से 75 साल से अधिक उम्र के ग्राहकों को बेची गई पॉलिसियों का व्यापक ऑडिट करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही कंपनी को अपने आंतरिक नियंत्रण और बिक्री प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाने होंगे। यह कार्रवाई बीमा कंपनियों और उनके एजेंटों के लिए स्पष्ट संदेश है कि वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय उत्पाद बेचते समय उम्र पात्रता, ग्राहक की जरूरत, आर्थिक क्षमता और उत्पाद की उपयुक्तता का सही आकलन जरूरी है।
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