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मेजर ऋषभ ने 12 साल बाद छोड़ी सेना

Kiran
2 Sept 2026 9:42 AM IST
मेजर ऋषभ ने 12 साल बाद छोड़ी सेना
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राष्ट्रपति के ADC रहे मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने 12 साल बाद छोड़ी सेना, परिवार की जिम्मेदारियों को बताया वजह
Delhi दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड्स-डी-कैंप (ADC) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का फैसला किया है। राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहे थे और इसी वजह से वह इंटरनेट पर लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हो गए थे। हालांकि, अब उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए सेना की सेवा से अलग होने का निर्णय लिया है।
मेजर सांब्याल के इस फैसले ने उनके समर्थकों और सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करने वाले लोगों का ध्यान खींचा है। राष्ट्रपति के ADC के रूप में उनकी सार्वजनिक उपस्थिति के दौरान सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने उन्हें सोशल मीडिया पर एक अलग पहचान दिलाई थी। उनके व्यक्तित्व और राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों में उनकी भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा होती रही। लेकिन सेना छोड़ने का फैसला मेजर सांब्याल के लिए आसान नहीं था। उन्होंने खुद इसे अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक बताया है। उनके मुताबिक, इस निर्णय तक पहुंचने से पहले उन्होंने करीब चार महीने तक गंभीरता से विचार किया। परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने अंततः समय से पहले रिटायरमेंट लेने का फैसला किया।
परिवार की जिम्मेदारियों को दी प्राथमिकता
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपने फैसले के बारे में बात करते हुए कहा कि परिवार की कुछ जिम्मेदारियां ऐसी हैं, जिन्हें पूरा करना उनके लिए जरूरी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें सेना से समय से पहले अलग होने जैसा कदम उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “यह मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल फैसला है। मुझे परिवार की कुछ जिम्मेदारियों को पूरा करना है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा फैसला लेना पड़ेगा। यह बहुत दुखद था। अपना फैसला बताने में मुझे काफी समय लगा।” उनके बयान से साफ है कि सैन्य सेवा छोड़ना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन अनुभव रहा। चार महीने तक विचार करने के बाद उन्होंने अपने परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
राष्ट्रपति के ADC के तौर पर मिली खास पहचान
मेजर सांब्याल को सबसे अधिक पहचान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC के रूप में मिली। राष्ट्रपति के साथ विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुए।
ADC की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ADC राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों, यात्राओं और विभिन्न औपचारिक गतिविधियों के दौरान जिम्मेदारियां निभाता है। इस भूमिका में अधिकारी को अनुशासन, प्रोटोकॉल और पेशेवर दक्षता के साथ काम करना होता है। मेजर सांब्याल ने इस जिम्मेदारी को निभाते हुए सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और वीडियो पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने उन्हें आकर्षक व्यक्तित्व और सैन्य वर्दी के कारण “नेशनल क्रश” तक कहना शुरू कर दिया था। हालांकि, सोशल मीडिया की लोकप्रियता से अलग उनकी सैन्य यात्रा और पेशेवर जिम्मेदारियां उनके लिए प्राथमिकता रही होंगी। करीब 12 साल की सेवा के बाद सेना से विदाई का फैसला इसी लंबे सैन्य करियर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
आसान नहीं था सेना से विदाई का फैसला
मेजर सांब्याल ने जिस तरह अपने निर्णय को “जिंदगी का सबसे मुश्किल फैसला” बताया है, उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सैन्य सेवा छोड़ना उनके लिए कितना भावनात्मक रहा होगा। सेना में 12 साल बिताने के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लेने का निर्णय किसी भी अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और पेशेवर बदलाव होता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले की जानकारी देने में भी उन्हें काफी समय लगा। चार महीने तक विचार करने के बाद उन्होंने अपने निर्णय को अंतिम रूप दिया। परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने सैन्य करियर से आगे बढ़ने का रास्ता चुना।
सोशल मीडिया की लोकप्रियता के बीच लिया फैसला
मेजर सांब्याल की लोकप्रियता ऐसे समय में सामने आई थी, जब राष्ट्रपति के साथ उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे थे। आम लोगों के बीच उनकी पहचान बढ़ी और उनके बारे में चर्चाएं होने लगीं। इसके बावजूद उन्होंने सोशल मीडिया की लोकप्रियता को अपने निर्णय का आधार नहीं बनाया। उनका कहना है कि परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां उनके फैसले की मुख्य वजह हैं। इस तरह उनका सेना छोड़ने का निर्णय व्यक्तिगत परिस्थितियों और पारिवारिक प्राथमिकताओं से जुड़ा हुआ है। मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल की सैन्य सेवा का यह अध्याय अब समाप्त हो गया है, लेकिन राष्ट्रपति के ADC के रूप में उनका कार्यकाल और सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता उन्हें सार्वजनिक चर्चा में बनाए रख सकती है। करीब 12 वर्षों की सेवा के बाद उनका यह फैसला यह भी दिखाता है कि कभी-कभी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियां पेशेवर उपलब्धियों पर भारी पड़ती हैं। फिलहाल, सांब्याल ने अपने भविष्य की विस्तृत योजनाओं को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि सेना से विदाई उनके लिए आसान नहीं थी और उन्होंने यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया है।

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