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एयर इंडिया की उड़ान में बड़ा खुलासा पायलट का डोप टेस्ट फिर फेल

Ratna Netam
11 Aug 2026 6:58 PM IST
एयर इंडिया की उड़ान में बड़ा खुलासा पायलट का डोप टेस्ट फिर फेल
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नई दिल्ली : फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उड़ान के पायलट के दूसरी बार कराए गए नशे की जांच में भी फेल होने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम ने विमान संचालन में सुरक्षा मानकों और पायलटों की मेडिकल जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले में संबंधित विमानन अधिकारियों की अंतिम जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बताया गया है कि एयर इंडिया की उड़ान AI-2379 फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। विमान में कुल 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान विमान को अचानक तेज झटके महसूस हुए। इसी दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक करीब 300 फीट की कमी आई। विमान में हुई इस घटना के बाद कई यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को चोटें आईं।
मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में कम से कम 13 यात्री और चालक दल के चार सदस्य घायल हुए। हादसे जैसे हालात के बाद विमान में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद विमान की सुरक्षा और उड़ान के दौरान सामने आई परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी घटना में घायल हुए लोगों को लेकर जानकारी दी है। उनके अनुसार, चालक दल के दो सदस्यों को रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और गर्दन में चोट लगी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उड़ान के दौरान विमान को लगे झटके कितने तेज रहे होंगे। अन्य यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की चोटों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पायलट की नशे की जांच को लेकर हो रही है। सूत्रों के अनुसार, पायलट दूसरी बार कराए गए परीक्षण में भी कथित तौर पर फेल हुआ है। विमानन क्षेत्र में पायलटों की फिटनेस और नशामुक्त स्थिति को उड़ान सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में किसी पायलट के जांच में कथित तौर पर विफल होने की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित प्रक्रिया और नियमों के पालन की जांच की जा सकती है।
विमानन नियमों के तहत उड़ान से पहले चालक दल के सदस्यों की फिटनेस सुनिश्चित करना जरूरी होता है। पायलट और अन्य क्रू सदस्यों की मेडिकल तथा अल्कोहल जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि वे उड़ान संचालन के लिए पूरी तरह सक्षम स्थिति में हों। इसलिए इस मामले में यह पता लगाना अहम होगा कि जांच कब और किन परिस्थितियों में की गई, दूसरी जांच क्यों कराई गई और उसके परिणाम के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की।
फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक आई कमी, तेज झटकों की वजह, यात्रियों और चालक दल के घायल होने की परिस्थितियां तथा पायलट की कथित जांच रिपोर्ट जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर विमान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर तब, जब विमान में सैकड़ों लोग सवार होते हैं और उड़ान के दौरान पायलट की सतर्कता तथा शारीरिक और मानसिक फिटनेस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यात्रियों के लिए भी यह जानना जरूरी है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विमानन कंपनियां तथा नियामक संस्थाएं क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करती हैं।
हालांकि, पायलट के दूसरी बार नशे की जांच में कथित तौर पर फेल होने की जानकारी फिलहाल सूत्रों पर आधारित है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और सक्षम विमानन अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना की जांच पूरी होने के बाद यह भी सामने आएगा कि उड़ान में आए तकनीकी या मौसम संबंधी कारणों और पायलट की कथित मेडिकल स्थिति के बीच कोई संबंध था या नहीं।
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