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रोहिणी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, 10 बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अपराध पर अंकुश लगाने और सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के उद्देश्य से रोहिणी जिला पुलिस ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह’ चलाया। व्यापक स्तर पर चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने 10 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर अवैध हथियार, बड़ी संख्या में कारतूस, नशीले पदार्थ और चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रोहिणी जिले में अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। वाहन चोरी, नशा तस्करी और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की गई। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की योजना तैयार की गई। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसना था, जो चोरी, नशे के कारोबार और हथियारों की अवैध आपूर्ति जैसी गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई को जिले में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल एक-दो आरोपितों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाकर उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना भी जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए 10 बदमाशों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा नशीले पदार्थ और चोरी की गाड़ियों की बरामदगी भी हुई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार और नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
वाहन चोरी के मामलों में भी पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद चोरी की गाड़ियां किन इलाकों से चोरी की गई थीं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
इसी तरह नशीले पदार्थों की बरामदगी को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपित नशे की खेप कहां से हासिल करते थे और इसे दिल्ली के किन इलाकों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए सप्लायर से लेकर स्थानीय स्तर पर इसकी बिक्री करने वाले लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार बदमाशों को हथियार उपलब्ध कराने वाला कौन है। हथियारों की खरीद और आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हथियारों की अवैध सप्लाई पर रोक लगाकर कई तरह की आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान गिरफ्तार आरोपितों से लगातार पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों और आरोपितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की टीमें मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर ऐसे लोगों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, जो पहले से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं या जिन पर वाहन चोरी, नशा तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में संदेह है।
रोहिणी जिला पुलिस का यह अभियान राजधानी में अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में वाहन चोरी और नशा तस्करी जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाती रही है। ऐसे अभियानों के जरिए पुलिस का उद्देश्य अपराधियों के बीच कानून का डर पैदा करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान मिली बरामदगी और गिरफ्तारियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों को अदालत के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस गिरफ्तार 10 बदमाशों के आपराधिक इतिहास और उनके संपर्कों पर है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या सभी आरोपित एक ही नेटवर्क से जुड़े हैं या अलग-अलग आपराधिक गिरोहों के लिए काम करते थे। इसके अलावा पुलिस उनके पुराने मामलों की जानकारी भी जुटा रही है।
ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह के तहत हुई इस कार्रवाई से पुलिस ने यह संकेत दिया है कि रोहिणी जिले में अवैध हथियार, नशा तस्करी और वाहन चोरी जैसे अपराधों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद आने वाले दिनों में और बरामदगी तथा गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।





