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नई दिल्ली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सेवा को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। शहर की 10 से अधिक कॉलोनियों में 6200 से ज्यादा एलपीजी गैस कनेक्शन बंद किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी ने बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के एलपीजी सिलिंडर कनेक्शन बिना पूर्व सूचना के ब्लॉक कर दिए हैं। इस कार्रवाई को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। कई लोगों का कहना है कि उन्हें गैस कनेक्शन बंद किए जाने की जानकारी तक नहीं दी गई।
जानकारी के मुताबिक, एचपीसीएल ने उन कॉलोनियों में एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू की है, जहां से पाइप्ड नेचुरल गैस की भूमिगत पाइपलाइन गुजर रही है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जिन कॉलोनियों में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां सभी उपभोक्ताओं के एलपीजी सिलिंडर कनेक्शन ब्लॉक किए जाएंगे। इस फैसले के कारण उन लोगों के सामने भी परेशानी खड़ी हो सकती है, जिन्होंने अभी तक पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया है।
10 से ज्यादा कॉलोनियों में 6200 कनेक्शन बंद
सामने आई जानकारी के अनुसार, शहर की 10 से अधिक कॉलोनियों में 6200 से ज्यादा एलपीजी गैस कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कनेक्शन ब्लॉक होने से गैस उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल किसी कॉलोनी में पीएनजी की भूमिगत पाइपलाइन गुजरने के आधार पर वहां रहने वाले सभी उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। उपभोक्ताओं की परेशानी इसी बात को लेकर है कि उन्हें पहले से कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई।
कई उपभोक्ताओं के पास न तो कोई नोटिस पहुंचा और न ही कंपनी के कर्मचारियों ने उनसे संपर्क किया। ऐसे में लोगों को यह समझने में परेशानी हो रही है कि उनके गैस कनेक्शन किस आधार पर ब्लॉक किए गए हैं।
बिना नोटिस कनेक्शन बंद करने पर सवाल
एचपीसीएल की कार्रवाई को लेकर सबसे गंभीर शिकायत उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना नहीं दिए जाने की है। जानकारी के अनुसार, अधिकांश उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन बंद किए जाने से पहले कोई नोटिस नहीं मिला।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी भी उन्हें इस संबंध में जानकारी देने नहीं पहुंचे। ऐसे में जिन लोगों के कनेक्शन बंद किए गए हैं, उनके सामने गैस आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एलपीजी सिलिंडर घरेलू रसोई का महत्वपूर्ण साधन है। अचानक गैस कनेक्शन ब्लॉक होने से उन परिवारों को अधिक परेशानी हो सकती है, जिनके घरों में अभी पीएनजी कनेक्शन चालू नहीं हुआ है।
इस मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि जिन उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन बंद किए गए हैं, उनके घरों तक पीएनजी की आपूर्ति शुरू हुई है या नहीं।
पाइपलाइन गुजरने पर सभी कनेक्शन ब्लॉक करने की बात
एचपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, जिन कॉलोनियों से पीएनजी की भूमिगत पाइपलाइन गुजरी है, वहां प्रत्येक उपभोक्ता के एलपीजी सिलिंडर कनेक्शन ब्लॉक किए जाएंगे।
अधिकारियों की इस बात से उपभोक्ताओं के बीच कई सवाल पैदा हो गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिन घरों में पीएनजी का कनेक्शन नहीं लगा है, उनके एलपीजी कनेक्शन का क्या होगा।
पीएनजी और एलपीजी दोनों का उपयोग घरेलू रसोई में ईंधन के रूप में किया जाता है, लेकिन दोनों की आपूर्ति व्यवस्था अलग होती है। एलपीजी सिलिंडर के माध्यम से घरों तक पहुंचती है, जबकि पीएनजी भूमिगत पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन के जरिए उपलब्ध कराई जाती है।
केवल किसी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछ जाने का मतलब यह नहीं है कि उस क्षेत्र के प्रत्येक घर में पीएनजी कनेक्शन चालू हो गया है। इसलिए उपभोक्ताओं को वास्तविक गैस आपूर्ति की स्थिति और कनेक्शन संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलना आवश्यक है।
पीएनजी सेवा को लेकर बढ़ी उपभोक्ताओं की चिंता
शहर में पीएनजी सेवा के विस्तार के बीच एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक किए जाने का मामला चर्चा में है। पीएनजी व्यवस्था का उद्देश्य पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक गैस उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था में उपभोक्ताओं को सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया से अलग सुविधा मिल सकती है। हालांकि, पीएनजी का लाभ तभी मिल सकता है, जब संबंधित घर में कनेक्शन स्थापित हो और गैस की आपूर्ति चालू हो।
ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के घरों में अभी तक पीएनजी कनेक्शन नहीं लगा है, उनके लिए एलपीजी कनेक्शन बंद होना परेशानी का कारण बन सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए यह जानना भी जरूरी है कि कंपनी ने कनेक्शन ब्लॉक करने से पहले किन प्रक्रियाओं का पालन किया और क्या संबंधित उपभोक्ताओं को वैकल्पिक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है।
उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं मिलने से नाराजगी
इस पूरे मामले में सूचना के अभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश उपभोक्ताओं को न तो नोटिस मिलने की बात सामने आई है और न ही कंपनी के कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से जानकारी देने की पुष्टि हुई है।
किसी भी जरूरी घरेलू सेवा में बदलाव होने पर उपभोक्ताओं को समय रहते जानकारी मिलना महत्वपूर्ण होता है। इससे वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते हैं और सेवा संबंधी नियमों को समझ सकते हैं।
एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक किए जाने के मामले में भी यही सवाल उठ रहा है कि उपभोक्ताओं को पहले से सूचना क्यों नहीं दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि प्रभावित उपभोक्ता शिकायत कहां दर्ज करा सकते हैं और उनके कनेक्शन की स्थिति का समाधान किस प्रकार होगा।
कंपनी की प्रक्रिया पर उठे कई सवाल
एचपीसीएल की पीएनजी सेवा से जुड़ा यह मामला अब केवल गैस कनेक्शन बंद करने तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें उपभोक्ताओं को सूचना देने, वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने और कनेक्शन ब्लॉक करने के आधार जैसे महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सभी 6200 से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं या नहीं। इसके अलावा कनेक्शन ब्लॉक करने के लिए लागू किए गए विशिष्ट नियमों और प्रभावित कॉलोनियों की पूरी सूची की जानकारी भी सामने नहीं आई है।
ऐसे में उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने के लिए कंपनी की ओर से स्पष्ट जानकारी दिया जाना जरूरी है। शहर की 10 से ज्यादा कॉलोनियों में हजारों एलपीजी कनेक्शन बंद किए जाने के मामले ने गैस आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





