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मेजर जनरल पी.के. गोस्वामी ने भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला

SHIDDHANT
24 Oct 2025 9:17 PM IST
मेजर जनरल पी.के. गोस्वामी ने भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला
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Delhi दिल्ली: भारत की शांति सेनाओं के अंतरराष्ट्रीय योगदान पर केंद्रित नई पुस्तक ‘75 Years of India’s Contribution to UN Peacekeeping’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मेजर जनरल पी.के. गोस्वामी (सेवानिवृत्त) ने पुस्तक के महत्व और भारत की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। मेजर जनरल गोस्वामी ने कहा, "यह पुस्तक भारत के योगदान को उजागर करने का प्रयास है, जो न केवल अतीत में बल्कि वर्तमान में भी महत्वपूर्ण रहा है। भारत ने शांति सेना में सिर्फ सैनिक भेजे ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेतृत्व प्रदान कर विभिन्न संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में स्थिरता बनाने में योगदान दिया है।"
उन्होंने आगे बताया कि भारत की शांति सेना ने संयुक्त राष्ट्र के कई मिशनों में अपनी भूमिका निभाई है, जिसमें कॉन्फ्लिक्ट जोन में नागरिक सुरक्षा, पुनर्निर्माण और सामाजिक स्थिरता बनाए रखना शामिल है। "भारत की सेनाएँ केवल संख्या में नहीं, बल्कि नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता में भी अग्रणी रही हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा। पुस्तक में भारतीय सैनिकों द्वारा निभाए गए विभिन्न मिशनों का विस्तृत विवरण है। इसमें अफ्रीका, एशिया और अन्य वैश्विक क्षेत्रों में भारत के योगदान को रेखांकित किया गया है। पुस्तक के माध्यम से यह भी बताया गया है कि भारत ने कैसे संघर्षग्रस्त देशों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपने संसाधनों और विशेषज्ञता का योगदान किया।
इस अवसर पर चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि भारत की शांति सेना केवल सैनिक क्षमता तक सीमित नहीं है। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, मानवतावादी कार्यकर्ता और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में स्थायी प्रभाव डाला है। मेजर जनरल गोस्वामी ने कहा कि भारत की भूमिका वैश्विक सुरक्षा और शांति बनाए रखने में हमेशा महत्वपूर्ण रही है। विशेष रूप से यह पुस्तक उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो शांति सेना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में रुचि रखते हैं। यह पुस्तक भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के दृष्टिकोण को भी उजागर करती है।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। उन्होंने इस पहल की सराहना की और इसे भारतीय सैनिकों की वीरता, कौशल और नेतृत्व क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। कुल मिलाकर ‘75 Years of India’s Contribution to UN Peacekeeping’ पुस्तक न केवल भारत के शांति सेना योगदान का दस्तावेज है, बल्कि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा में भारत की जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को भी रेखांकित करती है। इस पुस्तक के माध्यम से यह संदेश जाता है कि भारत शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
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