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दिल्ली के गफ्फार मार्केट में भीषण आग, 140 दुकानों पर संकट; CM रेखा गुप्ता ने ली जानकारी

Kavita2
6 Nov 2026 12:01 PM IST
दिल्ली के गफ्फार मार्केट में भीषण आग, 140 दुकानों पर संकट; CM रेखा गुप्ता ने ली जानकारी
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के करोल बाग स्थित प्रसिद्ध गफ्फार मार्केट में शुक्रवार तड़के लगी भीषण आग के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। आग की चपेट में आई दो व्यावसायिक इमारतों में मौजूद दुकानों की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से जानकारी ली है। अग्निकांड के बाद दोनों इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) दोनों इमारतों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात करोल बाग के गफ्फार मार्केट स्थित पुरी प्लाजा में लगी। यह व्यावसायिक परिसर 13 ब्लॉक की चेन वाली गली में स्थित है। शुरुआती सूचना के मुताबिक, आग मोबाइल फोन और उससे जुड़े सामान का कारोबार करने वाली एक दुकान से शुरू हुई और इसके बाद इमारत के अन्य हिस्सों तक फैल गई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, करोल बाग थाने को रात करीब 1 बजकर 28 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियां भी बुलाई गईं। शुरुआती रिपोर्टों में 22 दमकल गाड़ियां भेजे जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों के अनुसार बचाव अभियान में कुल 27 दमकल गाड़ियां लगाई गईं।

आग बुझाने के अभियान में बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों को तैनात किया गया। विभिन्न रिपोर्टों में करीब 125 से 150 कर्मियों की मौजूदगी बताई गई है। दमकल विभाग की प्राथमिकता आग को आसपास की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकना थी।

गफ्फार मार्केट दिल्ली के सबसे व्यस्त व्यावसायिक बाजारों में शामिल है। यहां मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल एक्सेसरीज और अन्य सामान की बड़ी संख्या में दुकानें हैं। बाजार की संकरी गलियां तथा एक-दूसरे के करीब स्थित इमारतें आग बुझाने के अभियान को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।

आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। देर रात घटना होने के बावजूद मौके पर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की आवाजाही शुरू हो गई। आग की लपटों और धुएं के कारण आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया। घटनास्थल पर दमकल विभाग के साथ दिल्ली पुलिस और एंबुलेंस सेवाओं को भी तैनात किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, तीन कैट्स एंबुलेंस और पुलिस की दो पीसीआर गाड़ियां भी मौके पर भेजी गई थीं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आग से प्रभावित व्यावसायिक परिसरों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन दुकानों की स्थिति पर ध्यान दिया, जो आग की चपेट में आई दोनों इमारतों में स्थित हैं।

सामने आई जानकारी के अनुसार, इन दो इमारतों में लगभग 140 दुकानें होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इनमें से कितनी दुकानों को सीधे आग से नुकसान पहुंचा है और कितनी केवल सुरक्षा कारणों से प्रभावित हैं, इसका अंतिम आकलन अभी स्पष्ट नहीं है।

आग से हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान का पता भी विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही चल सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक सामान के बाजार में बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, बैटरियां, चार्जर और अन्य उपकरण रखे जाते हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है।

गफ्फार मार्केट में लगी आग के बाद सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा दोनों इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा का है। भीषण आग के कारण भवनों की दीवारों, छतों और अन्य हिस्सों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन जरूरी माना जा रहा है।

इसी वजह से दिल्ली नगर निगम की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आग पूरी तरह बुझ जाने के बाद एमसीडी दोनों प्रभावित इमारतों को खाली कराने की प्रक्रिया अपनाएगी। इसके साथ ही भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच भी कराई जाएगी।

पुलिस ने बताया है कि संबंधित नगर निगम अधिकारियों से इमारत की सुरक्षा का आकलन और आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आग के बाद इमारत में प्रवेश करने वाले व्यापारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की जान को कोई खतरा न हो।

व्यापारियों के लिए यह घटना विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि दीपावली और धनतेरस के अवसर पर बाजारों में खरीदारी का माहौल रहता है। त्योहारों से पहले व्यापारियों की दुकानों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सामान होने की संभावना रहती है।

ऐसे समय में आग लगने से न केवल दुकानों के सामान को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि प्रभावित व्यापारियों की आगामी बिक्री और कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। दुकानों के अस्थायी रूप से बंद रहने की स्थिति में कर्मचारियों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।

आग लगने के कारणों को लेकर भी जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट या मोबाइल बैटरियों से जुड़ी समस्या की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि, अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और संबंधित विभाग तकनीकी जांच के आधार पर आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास करेंगे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किसी तकनीकी खराबी, विद्युत उपकरण या अन्य कारण से हुई थी।

राहत की बात यह है कि शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों में इस अग्निकांड में किसी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, संपत्ति को हुए नुकसान और प्रभावित दुकानों की संख्या का अंतिम आंकड़ा संबंधित विभागों के निरीक्षण के बाद ही सामने आएगा।

गफ्फार मार्केट जैसे घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में आग की घटनाएं अग्नि सुरक्षा उपायों के महत्व को भी सामने लाती हैं। विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण जरूरी है, जहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और बैटरियां रखी जाती हैं।

इमारतों में पर्याप्त निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी व्यापारियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिलहाल दिल्ली सरकार, नगर निगम और दमकल विभाग का ध्यान प्रभावित इमारतों को सुरक्षित बनाने तथा आग से हुए नुकसान का आकलन करने पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा अधिकारियों से जानकारी लिए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

आग पूरी तरह बुझने और सुरक्षा संबंधी निरीक्षण पूरे होने के बाद ही प्रभावित इमारतों में सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी के व्यस्त बाजारों में अग्नि सुरक्षा और पुरानी व्यावसायिक इमारतों के नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

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