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मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, चार राज्यों में रेलवे विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी

Kavita2
19 Aug 2026 5:43 PM IST
मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, चार राज्यों में रेलवे विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे के विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। समिति ने ओडिशा समेत चार राज्यों में चार महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, माल ढुलाई को गति मिलेगी और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख बंदरगाहों तक रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।

मंजूर की गई परियोजनाओं में ओडिशा के कटक-पारादीप रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। यह परियोजना करीब 72 किलोमीटर लंबी होगी और इसे पूरा करने में लगभग 2,286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कटक और पारादीप रेल मार्ग देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। पारादीप बंदरगाह के कारण इस रूट पर मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। नई रेल लाइनों के निर्माण से माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और रेलवे संचालन अधिक सुचारू हो सकेगा।

इसके अलावा ओडिशा में ही भद्रक और हरिदासपुर के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह परियोजना करीब 75 किलोमीटर लंबी होगी और इस पर 1,583 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार के अनुसार, भद्रक-हरिदासपुर रेल मार्ग के विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रेलवे की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

CCEA ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए खड़गपुर और भद्रक के बीच चौथी लाइन को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना करीब 173 किलोमीटर लंबी होगी और इस पर 3,352 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

खड़गपुर-भद्रक रेल मार्ग पूर्वी भारत के प्रमुख रेल कॉरिडोर में शामिल है। इस रूट पर यात्री ट्रेनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और समय की बचत होगी।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ने वाले गुमिडीपुंडी और गुडूर रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। करीब 90 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 2,229 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

गुमिडीपुंडी-गुडूर रेल मार्ग दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों को जोड़ता है। इस परियोजना से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। नई लाइनों के निर्माण से ट्रेनों की गति और संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

सरकार का लक्ष्य देश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना और माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके लिए रेलवे नेटवर्क के विस्तार, नई लाइनों के निर्माण और मौजूदा मार्गों की क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे में निवेश से देश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योगों को फायदा होता है और परिवहन लागत कम होती है।

केंद्र सरकार की ओर से मंजूर की गई इन चारों परियोजनाओं को रेलवे विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पूर्वी और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में रेल नेटवर्क मजबूत होगा।

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