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वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव 57 लाख नाम जुड़े

Kavita2
6 Sept 2026 11:05 AM IST
वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव 57 लाख नाम जुड़े
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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नए चरण की शुरुआत से पहले देश के 17 राज्यों में मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुआ है। एक विश्लेषण के अनुसार, इस अवधि में जहां करीब 57.57 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, वहीं लगभग 5.57 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।

यह बदलाव उन 17 राज्यों में देखने को मिला है, जहां SIR का तीसरा चरण चल रहा है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया चुनाव आयोग की नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होती है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

लोकसभा चुनाव के बाद बदली मतदाता संख्या

विश्लेषण के अनुसार, अप्रैल-मई 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान इन 17 राज्यों में कुल 35.50 करोड़ मतदाता दर्ज थे। इसके बाद साल के मध्य तक मतदाताओं की संख्या बढ़कर करीब 36.08 करोड़ हो गई।

इस तरह कुल मतदाता संख्या में लगभग 1.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से मतदाता सूची में बदलाव काफी व्यापक रहा।

लाखों नए मतदाता जुड़े

लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान करीब 57.57 लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया।

नए मतदाताओं में ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने मतदान की निर्धारित आयु पूरी की हो या जिन्होंने पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया हो। इसके अलावा स्थान परिवर्तन के बाद नए क्षेत्रों में नाम जोड़ने वाले लोगों को भी सूची में शामिल किया जाता है।

करोड़ों नाम हटाए गए

वहीं, मतदाता सूची से 5.57 करोड़ नाम हटाए जाने का आंकड़ा सामने आया है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों या डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है।

इसके अलावा ऐसे नाम भी हटाए जा सकते हैं जिनकी पुष्टि नहीं हो पाती या जिनके संबंध में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती।

SIR प्रक्रिया का उद्देश्य

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है।

इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाता है। चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची की समीक्षा करता है ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाई जा सके।

राज्यों में चल रही है समीक्षा

जिन 17 राज्यों में SIR का तीसरा चरण चल रहा है, वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत नए नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और अपात्र नामों को हटाने का काम किया जाता है।

चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य नागरिकों के नाम ही मतदाता सूची में शामिल रहें और किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं।

राजनीतिक नजरिए से भी अहम

मतदाता सूची में इतने बड़े बदलाव को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी राज्यों और बड़े मतदाता आधार वाले क्षेत्रों में वोटर लिस्ट में बदलाव पर राजनीतिक दलों की नजर रहती है।

विपक्षी दल कई बार मतदाता सूची में नाम हटने और जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।

आगे भी जारी रहेगी प्रक्रिया

मतदाता सूची को अपडेट करने का काम लगातार चलता रहता है। चुनाव आयोग समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर नए मतदाताओं को जोड़ने और सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।

17 राज्यों में हुए इस बदलाव के बाद अब SIR प्रक्रिया के अगले चरणों पर भी नजर रहेगी। आने वाले चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता को लेकर यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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