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VIP मूवमेंट में बड़ा बदलाव मंत्री और मुख्यमंत्रियों के लिए आया नया नियम
Ratna Netam
11 Sept 2026 2:40 PM IST

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नई दिल्ली।भारत की मेजबानी में हो रहे BRICS Summit 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में जबरदस्त हलचल है। दुनिया के कई बड़े नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं और सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक तक के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बीच सम्मेलन से जुड़ी एक व्यवस्था सबसे ज्यादा चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक BRICS कार्यक्रम में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को अलग-अलग गाड़ियों के बजाय **एक साथ बस से संसद से भारत मंडपम ले जाने की योजना है।
इस व्यवस्था के तहत कार्यक्रम में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पहले संसद परिसर में एकत्र होना होगा। इसके बाद वे सामूहिक रूप से बस में सवार होकर BRICS Summit के आयोजन स्थल भारत मंडपम पहुंचेंगे। यानी सामान्य तौर पर वीवीआईपी कार्यक्रमों में दिखाई देने वाले अलग-अलग काफिलों के बजाय इस बार मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के लिए सामूहिक परिवहन की व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है।
हालांकि इसे सभी मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के लिए स्थायी या सामान्य सरकारी 'नियम' समझना सही नहीं होगा। अभी सामने आई जानकारी इसे BRICS Summit से जुड़ी विशेष परिवहन व्यवस्था बताती है और इसकी जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
पहले संसद पहुंचेंगे मंत्री और मुख्यमंत्री
सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पहले संसद पहुंचना होगा। यहां से सभी को एक साथ बस के जरिए भारत मंडपम ले जाया जाएगा।
इस व्यवस्था के पीछे एक बड़ा कारण वीवीआईपी मूवमेंट को व्यवस्थित रखना माना जा सकता है। दिल्ली में पहले ही विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य लोगों के काफिलों के कारण कई सड़कों पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू है।
अगर हर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री अलग-अलग काफिले में भारत मंडपम पहुंचते तो सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता था। सामूहिक बस यात्रा से वाहनों की संख्या सीमित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि अधिकारियों की ओर से इस व्यवस्था के पीछे विस्तृत कारणों की औपचारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
BRICS Summit के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। भारत मंडपम और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले होटलों के आसपास विशेष निगरानी की जा रही है।
सम्मेलन के लिए हजारों सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। 500 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम और विशेष सुरक्षा इकाइयों को भी लगाया गया है। दिल्ली की 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 11 से 13 सितंबर के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें नियंत्रित मार्गों के साथ 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। यात्रियों को जहां संभव हो दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने और अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है।
भारत मंडपम बना वैश्विक कूटनीति का केंद्र
नई दिल्ली का भारत मंडपम एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है। BRICS के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े प्रतिनिधिमंडल यहां महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।
भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस बार सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। मध्य पूर्व का संघर्ष, यूक्रेन युद्ध, वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई प्रमुख नेता नई दिल्ली में सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इन नेताओं के साथ होने वाली बैठकों पर भी लगी हुई है।
आखिर क्यों चर्चा में आई एक बस वाली व्यवस्था?
मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को एक बस से कार्यक्रम स्थल ले जाने की खबर सामने आते ही इसकी चर्चा शुरू हो गई। आमतौर पर बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अपने निर्धारित वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचते हैं।
BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में स्थिति अलग होती है। यहां विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिले, सुरक्षा एजेंसियां और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही पहले से निर्धारित होती है। ऐसे में घरेलू गणमान्य लोगों की सामूहिक आवाजाही ट्रैफिक प्रबंधन को सरल बना सकती है।
संसद से भारत मंडपम तक सभी को एक साथ ले जाने से उनके आगमन के समय को भी समन्वित किया जा सकता है। इससे सुरक्षा जांच और प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित रखने में मदद मिलने की संभावना है।
आम लोगों के लिए भी जारी हुई ट्रैफिक एडवाइजरी
BRICS Summit का असर दिल्ली के सामान्य यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मार्गों पर प्रतिबंध और डायवर्जन की जानकारी दी है।
Mathura Road, Janpath, Ashoka Road, Tughlaq Road, Shanti Path, Teen Murti Marg, Sardar Patel Marg, Akbar Road, Kartavya Path और कई अन्य प्रमुख सड़कों को प्रभावित मार्गों की सूची में रखा गया है।
हालांकि दिल्ली पूरी तरह बंद नहीं है। मेट्रो, बस और कैब जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं जारी हैं। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रोक या डायवर्जन हो सकता है।
एयरपोर्ट जाने वालों के लिए भी खास सलाह
सम्मेलन के कारण एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। वीवीआईपी मूवमेंट के कारण रास्ते में अचानक ट्रैफिक डायवर्जन हो सकता है।
11 से 13 सितंबर के दौरान दिल्ली के आसपास गैर-अनुसूचित उड़ानों पर भी निर्धारित समय में प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि नियमित वाणिज्यिक एयरलाइन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए मेट्रो ज्यादा सुविधाजनक विकल्प हो सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले नवीनतम एडवाइजरी देखने को कहा है।
BRICS के सामने बड़े वैश्विक मुद्दे
इस बार BRICS Summit केवल भारत की मेजबानी या सुरक्षा इंतजामों की वजह से ही महत्वपूर्ण नहीं है। संगठन का विस्तार होने के बाद इसकी वैश्विक भूमिका भी बढ़ी है। विस्तारित BRICS में 11 सदस्य देश हैं और समूह दुनिया की आबादी तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, आर्थिक सहयोग, वैश्विक संस्थानों में सुधार और ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने जैसे विषय लंबे समय से BRICS एजेंडे का हिस्सा रहे हैं।
लेकिन इस बार मध्य पूर्व के हालात ने सम्मेलन को और महत्वपूर्ण बना दिया है। ईरान BRICS का सदस्य है और क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण संगठन के लिए साझा रुख तैयार करना बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन गया है।
बस की सवारी से लेकर वैश्विक कूटनीति तक सब पर नजर
कुल मिलाकर BRICS Summit 2026 में वैश्विक कूटनीति के बड़े मुद्दों के साथ आयोजन से जुड़ी छोटी-बड़ी व्यवस्थाएं भी सुर्खियां बटोर रही हैं। केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को संसद में एकत्र कर एक बस से भारत मंडपम ले जाने की योजना इन्हीं में से एक है।
इससे दिल्ली की सड़कों पर वीवीआईपी वाहनों की संख्या सीमित रखने और कार्यक्रम स्थल पर आगमन को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह व्यवस्था सूत्रों के हवाले से सामने आई है, इसलिए इसे BRICS के लिए जारी कोई व्यापक स्थायी सरकारी नियम नहीं कहा जाना चाहिए।
अब सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व नेताओं के साथ बैठकों और BRICS के साझा फैसलों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी। दुनिया यह भी देखेगी कि तेजी से विस्तार कर चुका BRICS मौजूदा वैश्विक संकटों पर किस तरह का साझा संदेश देता है।
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