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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार

Kavita2
21 Oct 2026 10:43 AM IST
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
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नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई कथित गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के तार विदेश से गतिविधियां संचालित कर रहे गैंगस्टर अनिल पंडित से जुड़े होने का संदेह है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने गैंगस्टर के निर्देश पर वारदात को अंजाम दिया होगा। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत जिले के दो युवक और उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं शामिल हैं। अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड दिया है।

दो महिलाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले कुणाल (21 वर्ष) और सुमित (19 वर्ष) के रूप में हुई है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा (23 वर्ष) और बबीता (23 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में दो महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।

हालांकि, चारों आरोपियों की वारदात में अलग-अलग क्या भूमिका थी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

विदेशी गैंगस्टर अनिल पंडित से कनेक्शन का शक

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में विदेश से काम कर रहे गैंगस्टर अनिल पंडित की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार आरोपी उसके इशारे पर गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि आरोपियों का गैंगस्टर से संपर्क कैसे हुआ और कथित तौर पर उन्हें क्या निर्देश दिए गए थे।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि गोलीबारी की घटना के पीछे क्या उद्देश्य था।

फिलहाल गैंगस्टर के साथ आरोपियों के संबंधों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।

टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी गोलीबारी

मामला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी से जुड़ा है।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चार संदिग्धों की गिरफ्तारी को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

हालांकि, गोलीबारी किस तारीख को हुई, घटनास्थल पर कितने हमलावर मौजूद थे और कितनी गोलियां चलाई गई थीं, इन तथ्यों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

इसी तरह घटना के समय अभिनेता कार में मौजूद थे या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं की गई है।

दिल्ली से मुंबई तक पहुंची जांच

गोलीबारी की घटना मुंबई में हुई थी, जबकि चार आरोपियों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है।

इससे मामले की जांच में अलग-अलग राज्यों की पुलिस एजेंसियों की भूमिका सामने आई है।

गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस के आपराधिक जांच विभाग यानी CID ने आरोपियों से पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी।

अदालत ने संबंधित आवेदन स्वीकार कर लिया।

इस कानूनी प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों को मुंबई ले जाकर आगे की जांच करने का रास्ता मिला है।

अदालत में पेश किए गए चारों आरोपी

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों को पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(1)(b) के तहत संबंधित प्रक्रिया के बाद अदालत में पेश किया गया।

इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस के CID अधिकारियों ने न्यायालय में आवेदन दाखिल किया।

इस आवेदन में आरोपियों से पूछताछ करने और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी गई थी।

अदालत ने पुलिस का आवेदन स्वीकार करते हुए तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया।

इससे महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों को संबंधित क्षेत्राधिकार में ले जाने के लिए कानूनी अनुमति मिल गई।

तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर

अदालत द्वारा तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड दिया जाना मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य दूसरे क्षेत्राधिकार में गिरफ्तार व्यक्ति को संबंधित न्यायालय या जांच एजेंसी के क्षेत्र तक कानूनी प्रक्रिया के तहत ले जाने की अनुमति देना होता है।

इसे सामान्य पुलिस हिरासत में पूछताछ के लिए मिलने वाले रिमांड से अलग समझना जरूरी है।

महाराष्ट्र पुलिस अब निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपियों को मुंबई ले जा सकती है।

आगे की हिरासत और पूछताछ संबंधी आदेश सक्षम न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेंगे।

आरोपियों की भूमिका का पता लगाएगी पुलिस

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की कथित भूमिका का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

पुलिस यह जांच कर सकती है कि घटना से पहले आरोपियों के बीच किस प्रकार का संपर्क था।

इसके अलावा गोलीबारी की योजना, घटनास्थल पर मौजूद व्यक्तियों और कथित निर्देश देने वालों की भूमिका के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तार चारों आरोपी सीधे गोलीबारी में शामिल थे या उनकी भूमिका किसी अन्य स्तर पर थी।

जांच पूरी होने से पहले किसी आरोपी की विशिष्ट भूमिका को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

महिलाओं की गिरफ्तारी से बढ़ी जांच की अहमियत

इस मामले में राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं की गिरफ्तारी भी महत्वपूर्ण है।

दोनों की उम्र 23 वर्ष बताई गई है और वे उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं।

हालांकि, उनका अन्य आरोपियों से क्या संबंध है और कथित वारदात में उनकी भूमिका क्या रही, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन सवालों के जवाब तलाश सकती है।

केवल गिरफ्तारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चारों आरोपियों की भूमिका एक जैसी थी।

गैंगस्टर नेटवर्क की जांच भी अहम

विदेश से गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टर के कथित निर्देश पर गोलीबारी किए जाने की आशंका ने इस मामले को गंभीर बना दिया है।

यदि जांच में किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस को उसके संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच करनी पड़ सकती है।

ऐसे मामलों में संचार रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

हालांकि, इस मामले में किसी विशेष डिजिटल साक्ष्य या आर्थिक लेनदेन के मिलने की पुष्टि अभी नहीं की गई है।

पुलिस के लिए आरोपियों के कथित संपर्कों को प्रमाणों के आधार पर स्थापित करना आवश्यक होगा।

बॉलीवुड अभिनेता से जुड़े मामले पर नजर

अभिनेता टाइगर श्रॉफ हिंदी फिल्म उद्योग के चर्चित कलाकारों में शामिल हैं।

उनकी कार पर कथित गोलीबारी की घटना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है।

किसी सार्वजनिक हस्ती से जुड़ी ऐसी घटना में जांच एजेंसियों के सामने वारदात के कारण और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने की चुनौती होती है।

फिलहाल अभिनेता या उनके परिवार की ओर से इस गिरफ्तारी पर किसी प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसलिए मामले से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए पुलिस की आधिकारिक जांच पर ही निर्भर रहना होगा।

आगे की पूछताछ में सामने आ सकते हैं नए तथ्य

महाराष्ट्र पुलिस की ओर से आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति मांगे जाने के बाद अब जांच के अगले चरण पर नजर रहेगी।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि गोलीबारी की कथित योजना कैसे बनी और गिरफ्तार व्यक्तियों के बीच क्या संबंध था।

इसके साथ ही गैंगस्टर अनिल पंडित की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी सामने आएगी, इसका अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

गिरफ्तारी से जांच को मिली नई दिशा

मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इनमें सोनीपत के कुणाल और सुमित तथा उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता शामिल हैं।

पुलिस को इनके विदेश से सक्रिय गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर काम करने का संदेह है।

अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस के CID के आवेदन को स्वीकार करते हुए तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया है। अब आरोपियों की कथित भूमिका, गोलीबारी के कारण और संभावित आपराधिक नेटवर्क से संबंधों की जांच आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

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