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PNB घोटाला केस में बड़ी सफलता UAE से भारत लाया गया संदीप मिस्त्री

Ratna Netam
29 Sept 2026 7:17 PM IST
PNB घोटाला केस में बड़ी सफलता UAE से भारत लाया गया संदीप मिस्त्री
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New दिल्ली : नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। CBI ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के सहयोग से रेड नोटिस का सामना कर रहे वांछित आरोपी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। संदीप मिस्त्री PNB बैंक धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से वांछित था और जांच एजेंसी उसकी तलाश कर रही थी।CBI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संदीप मिस्त्री को UAE से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड नोटिस जारी किया गया था। एजेंसी का कहना है कि नीरव मोदी से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में संदीप मिस्त्री की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई थी।
यह मामला CBI की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), मुंबई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान एजेंसी को कथित फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेनदेन और बैंकिंग धोखाधड़ी से संबंधित कई जानकारियां मिली थीं। इसी जांच में संदीप मिस्त्री की भूमिका सामने आने के बाद उसे वांछित घोषित किया गया था।CBI के अनुसार, मामले में विभिन्न संस्थाओं के बीच लेनदेन और उनके संचालन को लेकर जांच की गई। एजेंसी का आरोप है कि संदीप मिस्त्री इन संस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता था। वह संबंधित संस्थाओं के रोजमर्रा के कामकाज की देखरेख करने के साथ कई गतिविधियों में निर्देश देने की भूमिका भी निभाता था।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि संदीप मिस्त्री गोपनीय तरीके से निर्देश देने के लिए ऐसे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था, जिनमें भेजे गए संदेश अपने आप डिलीट हो जाते थे। CBI का मानना है कि इस तरह के माध्यम का इस्तेमाल कथित गतिविधियों से जुड़े डिजिटल सबूतों को छिपाने और जांच से बचने के लिए किया जाता था।CBI की जांच में यह भी आरोप सामने आया कि हीरे, सोने और मोती के आभूषणों के कथित व्यापार को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। एजेंसी के अनुसार, संदीप मिस्त्री ने ऐसे आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करने या तैयार कराने में मदद की, जिनके माध्यम से व्यापारिक लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
इन कथित दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग संस्थाओं के बीच हीरे, सोने और मोती के आभूषणों की खरीद-बिक्री और आयात-निर्यात को दिखाया जाता था। जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंकिंग प्रणाली से धन प्राप्त करने या लेनदेन को वास्तविक दिखाने में किस तरह किया गया।CBI का कहना है कि इस पूरे मामले में कई संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिकाओं की जांच की गई है। संदीप मिस्त्री के भारत वापस आने के बाद एजेंसी को अब उससे सीधे पूछताछ करने और मामले से जुड़ी अन्य कड़ियों के बारे में जानकारी जुटाने का अवसर मिलेगा।
रेड नोटिस का इस्तेमाल आमतौर पर उस व्यक्ति का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग हासिल करने के लिए किया जाता है, जिसकी किसी देश की जांच एजेंसी या न्यायिक प्रक्रिया में तलाश होती है। संदीप मिस्त्री के मामले में भी भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी वापसी के लिए प्रयास कर रही थीं।CBI ने आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया। UAE के संबंधित अधिकारियों के सहयोग से आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद उसे भारत वापस लाया गया।
नीरव मोदी से जुड़े PNB धोखाधड़ी मामले में कथित फर्जी व्यापारिक लेनदेन लंबे समय से जांच का अहम हिस्सा रहे हैं। इस मामले में एजेंसी विभिन्न बैंकिंग रिकॉर्ड, आयात-निर्यात से जुड़े दस्तावेज और संबंधित कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच करती रही है।CBI के अनुसार, संदीप मिस्त्री की भूमिका केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं थी। उस पर संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने, रोजाना के संचालन को देखने और अलग-अलग लोगों तक निर्देश पहुंचाने का भी आरोप है। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका और जिम्मेदारियों को विस्तार से खंगाल रही है।
भारत वापस लाए जाने के बाद अब संदीप मिस्त्री को संबंधित कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। जांच एजेंसी उससे मामले में कथित फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेजों, संबंधित कंपनियों के कामकाज और अन्य व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क को लेकर पूछताछ कर सकती है।CBI यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित फर्जी व्यापारिक गतिविधियों में किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था और अलग-अलग संस्थाओं के बीच वित्तीय लेनदेन किस तरीके से किए जाते थे। उससे मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच की अन्य कड़ियां भी सामने आ सकती हैं।फिलहाल संदीप मिस्त्री के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। उसके खिलाफ अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। UAE से उसे भारत वापस लाया जाना PNB बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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