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केंद्रीय विश्वविद्यालयों को बड़ी सौगात पांच साल में मिले 73 हजार करोड़

Ratna Netam
12 Aug 2026 9:23 PM IST
केंद्रीय विश्वविद्यालयों को बड़ी सौगात पांच साल में मिले 73 हजार करोड़
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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विश्वविद्यालयों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बीते पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को कुल **90,051.94 करोड़ रुपये** जारी किए गए। इसमें केंद्रीय विश्वविद्यालयों को 73,148.65 करोड़ रुपये और विश्वविद्यालय माने जाने वाले संस्थानों को 2,743.04 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई।केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों के दौरान यूजीसी को मिलने वाली राशि में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
हर साल बढ़ी यूजीसी को मिलने वाली राशि
शिक्षा राज्य मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में यूजीसी को 13,839.43 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिसमें से 13,606.52 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बाद 2022-23 में आवंटन बढ़कर 16,859.87 करोड़ रुपये हो गया और 16,080.55 करोड़ रुपये खर्च किए गए।वर्ष 2023-24 में यूजीसी को 19,054.74 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि 18,676.31 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। इसी तरह 2024-25 में 19,770.47 करोड़ रुपये जारी किए गए और 19,742.07 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 20,527.43 करोड़ रुपये पहुंच गई, जिसमें से 20,507.48 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पीएम-उषा के जरिए राज्यों को सहायता
सरकार ने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तीसरे चरण को जून 2023 में **प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा)** के रूप में शुरू किया था। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।योजना के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को छात्रावास, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन, प्रयोगशालाएं और दूसरी आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 से 6 अगस्त 2026 तक पीएम-उषा/रूसा के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्रीय हिस्से के रूप में कुल **2,511.77 करोड़ रुपये** जारी किए गए हैं। इनमें 2025-26 में सर्वाधिक 864.25 करोड़ रुपये दिए गए। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में 6 अगस्त तक 507 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
राज्य विश्वविद्यालयों को 931 करोड़ रुपये से अधिक
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि रूसा लागू होने के बाद यूजीसी की ओर से राज्य विश्वविद्यालयों को नियमित विकास अनुदान नहीं दिया जाता। हालांकि, 12वीं योजना अवधि के बाद पहले से स्वीकृत यूजीसी योजनाओं के तहत प्रतिपूर्ति के आधार पर वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच राज्य विश्वविद्यालयों को **931.44 करोड़ रुपये** जारी किए गए। इसमें निजी विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।इसी अवधि में अंतर-राज्यीय निकाय के रूप में कार्यरत पंजाब विश्वविद्यालय को निश्चित वेतन अनुदान के तौर पर **1,818.46 करोड़ रुपये** दिए गए।
उच्च शिक्षा के नियामक ढांचे में भी बदलाव की तैयारी
केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा क्षेत्र के नियामक ढांचे में बदलाव की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा व्यवस्था के लिए 'हल्का लेकिन सख्त' नियामक ढांचा प्रस्तावित किया गया है।इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के साथ संस्थानों को स्वायत्तता, सुशासन और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना है।इसी दिशा में शिक्षा मंत्रालय ने **विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025** को 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश किया था। विधेयक को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास भेजा गया है।विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा, पीएम-उषा, रूसा, शिक्षा मंत्रालय, सुकांत मजूमदार, विश्वविद्यालय अनुदान, राज्यसभा, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक
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