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आतंकवादी साजिश मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई

Ratna Netam
12 Oct 2026 3:17 PM IST
आतंकवादी साजिश मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सोमवार को श्रीनगर में एक आरोपी की आवासीय संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी। यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी सीमा पार आतंकवादी साजिश के एक मामले में की गई है। जब्त की गई संपत्ति गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गैस' की बताई गई है। एनआईए के अनुसार, संबंधित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के बाद संपत्ति जब्त की गई है।एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 यानी UAPA की धारा 25 के तहत की गई है। संपत्ति जब्त करने से पहले एनआईए के महानिदेशक से आवश्यक मंजूरी ली गई थी। संबंधित संपत्ति श्रीनगर के हजरतबल इलाके के डनिहामा गांव में स्थित है।
लश्कर से जुड़ी साजिश के मामले में कार्रवाई
एनआईए के अनुसार, गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गैस' प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमा पार आतंकवादी साजिश के मामले में आरोपी है।इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है। जांच से संबंधित केस नंबर RC-02/2026/NIA/JMU है।एजेंसी ने इसी मामले के तहत आरोपी की आवासीय संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की है। संपत्ति की जब्ती को लेकर आवश्यक कानूनी प्रावधानों का पालन किए जाने की जानकारी दी गई है।हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक विवरण में आरोपी की कथित भूमिका, साजिश के स्वरूप और उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।इसलिए आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना आवश्यक है। किसी व्यक्ति का किसी मामले में आरोपी होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
श्रीनगर के हजरतबल इलाके में स्थित है संपत्ति
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से जब्त की गई आवासीय संपत्ति श्रीनगर के हजरतबल क्षेत्र के डनिहामा गांव में स्थित है।एजेंसी ने संपत्ति की पहचान गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गैस' के नाम से की हैसोमवार को जारी जानकारी के अनुसार, यह संपत्ति लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित सीमा पार आतंकवादी साजिश की जांच के तहत जब्त की गई है।हालांकि, संपत्ति के कुल क्षेत्रफल, बाजार मूल्य और निर्माण संबंधी विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं बताए गए हैं।इसके अलावा संपत्ति की जब्ती के दौरान मौके पर की गई अन्य प्रक्रियाओं के बारे में भी विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।एनआईए ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई संबंधित मामले में कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत की गई है।
UAPA की धारा 25 के तहत संपत्ति जब्त
इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 25 का इस्तेमाल है।यूएपीए की धारा 25 आतंकवाद से संबंधित संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया से जुड़ी है। इस प्रावधान के तहत निर्धारित कानूनी शर्तों और आवश्यक मंजूरी के आधार पर संबंधित संपत्ति को जब्त किया जा सकता है।एनआईए ने बताया कि गुलाम मोहम्मद मीर की संपत्ति जब्त करने से पहले एजेंसी के महानिदेशक से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त की गई थी।
यह मंजूरी कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
संपत्ति की जब्ती और किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। संपत्ति जब्त किए जाने से अपने आप यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आरोपी के खिलाफ सभी आरोप अदालत में सिद्ध हो चुके हैं।इस मामले में भी एनआईए ने संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जानकारी दी है, जबकि आरोपी के खिलाफ मुकदमे की वर्तमान न्यायिक स्थिति का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सीमा पार आतंकवादी साजिश से जुड़ा मामला
एनआईए की ओर से जारी जानकारी में इस मामले को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमा पार आतंकवादी साजिश बताया गया है।लश्कर-ए-तैयबा भारत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। इस संगठन से जुड़े मामलों की जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।एजेंसी ने बताया कि जिस मामले में संपत्ति जब्त की गई है, वह RC-02/2026/NIA/JMU के रूप में दर्ज है।हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि कथित साजिश कब रची गई, किन गतिविधियों से संबंधित थी और आरोपी पर कौन-कौन से विशिष्ट आरोप लगाए गए हैं।इसके अतिरिक्त मामले में अन्य आरोपियों की संख्या या अब तक हुई गिरफ्तारियों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।ऐसे में फिलहाल इस कार्रवाई से संबंधित पुष्टि की गई जानकारी संपत्ति की पहचान, उसका स्थान, संबंधित मामला और जब्ती के कानूनी आधार तक सीमित है।
NIA महानिदेशक से ली गई आवश्यक मंजूरी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी की संपत्ति जब्त करने से पहले एनआईए के महानिदेशक से आवश्यक मंजूरी प्राप्त की गई थी।इसके बाद यूएपीए की धारा 25 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।आतंकवाद से संबंधित मामलों में संपत्ति की जब्ती एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम होता है। ऐसी कार्रवाई के लिए संबंधित कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।इस मामले में एजेंसी ने विशेष रूप से महानिदेशक की मंजूरी का उल्लेख किया है।हालांकि, मंजूरी दिए जाने की सटीक तारीख और उससे संबंधित आदेश का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
संपत्ति जब्ती और जांच प्रक्रिया में अंतर
आतंकवाद से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां विभिन्न प्रकार की कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। इनमें जांच, तलाशी, संपत्ति की जब्ती और न्यायालय के समक्ष आरोपों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना शामिल हो सकता है।हालांकि, प्रत्येक कार्रवाई का कानूनी उद्देश्य और प्रक्रिया अलग होती है।श्रीनगर में गुलाम मोहम्मद मीर की आवासीय संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इस कार्रवाई के आधार पर आरोपी के दोषी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।किसी आपराधिक मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होती है।एनआईए की कार्रवाई को इसी कानूनी संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है।
आगे की जांच को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से सोमवार को जारी विवरण में संपत्ति जब्ती की पुष्टि की गई है।हालांकि, इस मामले में आगे की जांच, संभावित अतिरिक्त कार्रवाई या न्यायिक सुनवाई की तारीख को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।एजेंसी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि संबंधित मामले में अन्य संपत्तियों की पहचान की गई है या नहीं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रीनगर के हजरतबल इलाके के डनिहामा गांव में स्थित गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गैस' की आवासीय संपत्ति को यूएपीए की धारा 25 के तहत जब्त किया गया है।यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमा पार आतंकवादी साजिश के मामले में की गई है। एनआईए ने आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के बाद कार्रवाई को अंजाम देने की जानकारी दी है।
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