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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री की संदिग्ध गतिविधियों ने हड़कंप मचा दिया। सामान की जांच के दौरान एक्स-रे मशीन में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद यात्री ने अचानक भागने की कोशिश की। हालांकि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सतर्क जवानों ने तुरंत उसका पीछा कर निकास द्वार के पास पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग में रखे अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से से लगभग 155 ग्राम संदिग्ध पदार्थ बरामद किया गया। शुरुआती जांच में इसे अज्ञात अर्धठोस पदार्थ बताया गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में इसकी पहचान सोने के पाउडर के रूप में हुई। पकड़े गए व्यक्ति ने खुद को मलेशिया के कुआलालंपुर में रहने वाला अनिवासी भारतीय बताया है।
एक्स-रे मशीन में दिखाई दी संदिग्ध वस्तु
जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 अक्टूबर को जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर हुई थी। स्टेशन पर सामान्य सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री अपना बैग एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) से गुजार रहा था।
इसी दौरान सुरक्षा जांच मशीन की स्क्रीन पर बैग के भीतर एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।
ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों को सामान में कुछ असामान्य होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने यात्री के सामान की गहन जांच करने का निर्णय लिया।
हालांकि सुरक्षा जांच पूरी होने से पहले ही यात्री ने वहां से भागने की कोशिश की। उसकी इस हरकत से जवान सतर्क हो गए और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
भागते यात्री को दौड़कर पकड़ा
सीआईएसएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यात्री ने बैग की जांच के दौरान अचानक भागने का प्रयास किया।
जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह तेजी से निकास द्वार की तरफ बढ़ने लगा।
इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल उसका पीछा किया। जवानों के बीच बेहतर समन्वय के कारण संदिग्ध व्यक्ति को मेट्रो स्टेशन के निकास द्वार के पास ही पकड़ लिया गया।
सीआईएसएफ ने पूरी कार्रवाई का वीडियो भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है।
वीडियो में एक व्यक्ति को भागते हुए और सुरक्षा जवानों को उसका पीछा करते हुए देखा जा सकता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
अंडरगारमेंट में छिपाकर रखा था पाउडर
यात्री को पकड़ने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसके सामान की तलाशी ली।
जांच के दौरान बैग में रखे अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक पदार्थ छिपा हुआ मिला।
सीआईएसएफ ने अपने शुरुआती बयान में बरामद सामग्री को अज्ञात अर्धठोस पदार्थ बताया था।
इसके बाद यात्री और उसके सामान को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस की विस्तृत जांच में करीब 155 ग्राम पदार्थ बरामद होने की पुष्टि हुई। इसे बाद में सोने के पाउडर के रूप में पहचाना गया।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित व्यक्ति इस पदार्थ को कहां से लेकर आया था और इसे किस उद्देश्य से अपने पास रखे हुए था।
मुजफ्फरनगर का रहने वाला है यात्री
पुलिस जांच में पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है।
वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है। पूछताछ में उसने मलेशिया के कुआलालंपुर का पता भी दिया।
शोएब ने पुलिस को बताया कि वह मलेशिया में कपड़ा व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।
उसके मुताबिक, वह अपनी मलेशियाई पत्नी और दो बच्चों के साथ वहां रहता है।
पुलिस अब उसके यात्रा संबंधी दस्तावेजों और भारत आने के उद्देश्य से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है।
16 अक्टूबर को दिल्ली आया था शोएब
पूछताछ के दौरान मोहम्मद शोएब ने बताया कि वह 16 अक्टूबर को दिल्ली आया था।
उसने पुलिस को जानकारी दी कि वह अपने साथ बरामद पदार्थ लेकर आया था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा हुआ था।
अगले दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए मेट्रो स्टेशन पहुंचा था।
इसी दौरान सुरक्षा जांच में उसके सामान में छिपाया गया पदार्थ सामने आ गया।
पुलिस उसकी यात्रा और सामान से संबंधित दावों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह पदार्थ को छिपाकर क्यों ले जा रहा था।
पहले नशीला पदार्थ होने का हुआ संदेह
संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद पुलिस को शुरुआत में आशंका थी कि यह कोई नशीला या मन:प्रभावी पदार्थ हो सकता है।
इसके चलते संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया और पदार्थ की जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में नशीला पदार्थ होने की आशंका खारिज हो गई।
इसके बाद बरामद सामग्री की पहचान सोने के पाउडर के रूप में हुई।
हालांकि संबंधित व्यक्ति इस सोने के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस के अनुसार, वह यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि इतनी मात्रा में सोने का पाउडर अपने पास रखने और छिपाकर ले जाने का क्या कारण था।
कस्टम विभाग से भी किया गया संपर्क
मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया।
पुलिस ने बरामद सोने के पाउडर और यात्री की जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सीमा शुल्क अधिकारियों ने मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए कार्रवाई शुरू नहीं की।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू की।
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस थाने में दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। ऐसे में यात्रियों और उनके सामान की जांच सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सीआईएसएफ की टीमें मेट्रो स्टेशनों पर बैगेज स्कैनिंग, प्रवेश जांच और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करती हैं।
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर हुई इस घटना में एक्स-रे मशीन से संदिग्ध सामग्री की पहचान और जवानों की तत्काल कार्रवाई ने यात्री को भागने से रोक दिया।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि सुरक्षा जांच के दौरान बरती गई सतर्कता संदिग्ध वस्तुओं की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे बाकी तथ्य
फिलहाल पुलिस बरामद सोने के पाउडर के स्वामित्व और उसे छिपाकर ले जाने की वजह का पता लगाने में जुटी है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति ने पदार्थ को भारत लाते समय लागू नियमों का पालन किया था या नहीं।
हालांकि अब तक उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े तस्करी गिरोह से उसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ की सतर्कता से पकड़े गए यात्री के पास से लगभग 155 ग्राम सोने का पाउडर बरामद होना इस मामले का प्रमुख घटनाक्रम है। आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि पदार्थ को छिपाने के पीछे क्या उद्देश्य था और मामले में अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।





