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दिल्ली में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन, छापेमारी में 948.9 लीटर घी जब्त
Ratna Netam
29 Oct 2026 7:10 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी करते हुए कुल 948.9 लीटर घी जब्त किया है। मिलावट की आशंका के आधार पर की गई इस कार्रवाई में घी के 15 नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त घी में मिलावट की गई थी या नहीं।
दिल्ली सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मिलावट विरोधी अभियान को पूरे साल जारी रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी जोर दिया है। सरकार का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित करना और मिलावट करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई करना है।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने बुधवार, 28 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भोगल मार्केट, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ मार्केट और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शिव विहार इलाके में छापेमारी की। अधिकारियों को इन क्षेत्रों में बेचे जा रहे घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह था। इसी आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया गया।
छापेमारी के दौरान भोगल मार्केट से 389.9 लीटर घी जब्त किया गया, जबकि नजफगढ़ मार्केट से 338 लीटर घी बरामद हुआ। इसके अलावा शिव विहार में दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 221 लीटर घी जब्त किया गया। इस तरह तीनों स्थानों से कुल 948.9 लीटर घी बरामद हुआ। भोगल और नजफगढ़ में घी के कुल 15 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए घी की गुणवत्ता, शुद्धता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच में घी मिलावटी या निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इससे पहले भी दिल्ली सरकार ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। 23 अक्टूबर को सामने आई कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न दुकानों से 322 किलोग्राम से अधिक घी जब्त किया था। इस अभियान में विशेष रूप से उन दुकानों को निशाना बनाया गया था, जो सोशल मीडिया के माध्यम से भारी छूट और आकर्षक ऑफर देकर घी तथा अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री कर रही थीं।
जांच के दौरान विकासपुरी और हस्तसाल गांव के प्रतिष्ठानों से घी के नमूने एकत्र किए गए थे। कुछ दुकानों में एक उत्पाद खरीदने पर दूसरा मुफ्त देने और 60 प्रतिशत तक छूट देने जैसे ऑफर चलाए जा रहे थे। अधिकारियों को संदेह था कि अत्यधिक छूट के नाम पर घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री की जा सकती है। हालांकि, किसी उत्पाद पर अधिक छूट होना अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है।
दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने इससे पहले विभिन्न बाजारों से देसी घी के 59 नमूने एकत्र किए थे। इनमें से 19 नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए, जबकि चार नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन परिणामों के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इन घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभागीय निगरानी मजबूत करने की आवश्यकता जताई है। सरकार खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत जांच संबंधी उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने, प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया तेज करने और पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर ध्यान दिया जाएगा।
आधुनिक उपकरणों के माध्यम से खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। इससे संदिग्ध उत्पादों की पहचान करने और उनकी गुणवत्ता के संबंध में समय पर रिपोर्ट प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी में खुदरा दुकानों के साथ खाद्य भंडारण केंद्रों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े गोदामों को भी शामिल किया जा रहा है। हाल ही में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों के गोदामों में निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थ, अस्वच्छ भंडारण व्यवस्था और निर्धारित तापमान संबंधी नियमों के उल्लंघन जैसी कमियां सामने आई थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, घी जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकती है। घटिया गुणवत्ता वाले तेल या अन्य पदार्थों को मिलाकर तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए नियमित परीक्षण और प्रभावी निगरानी आवश्यक है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी पैकिंग, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और निर्माता की जानकारी की जांच करनी चाहिए।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले भी कह चुकी हैं कि लोगों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
फिलहाल 948.9 लीटर घी की जब्ती के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग को प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। सरकार की योजना के अनुसार, आने वाले दिनों में राजधानी के बाजारों में खाद्य पदार्थों की जांच और निगरानी को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
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