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LPG पर संकट का असर, लागत 1600 पार

Kavita2
7 Jun 2026 9:46 AM IST
LPG पर संकट का असर, लागत 1600 पार
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Delhi दिल्ली: वेस्ट एशिया में जारी तनाव और संकट के बीच घरेलू रसोई गैस की सप्लाई पर बड़ा आर्थिक असर देखने को मिला है। सरकार ने रविवार को जानकारी दी कि 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई लागत अब बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो गई है। इस बढ़ती लागत के चलते हर घरेलू सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि हाल ही में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की कीमत वृद्धि की गई थी।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस लागत वृद्धि का पूरा असर बाजार-आधारित कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में देखा जा रहा है। मंत्रालय ने बताया कि वेस्ट एशिया संकट के दौरान अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पांच बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसके बाद होटल और रेस्टोरेंट में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई है, जो लगभग 164 रुपये प्रति किलोग्राम के बराबर है।

इसके मुकाबले घरेलू उपभोक्ता फिलहाल लगभग 66 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से LPG का भुगतान कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि घरेलू रसोई गैस की कीमत वास्तविक लागत से काफी कम है। मंत्रालय का कहना है कि कमर्शियल गैस पर टैक्स और मार्जिन अधिक होने के कारण उसकी कीमत घरेलू स्तर से अधिक दिखाई देती है, लेकिन वास्तविक आयात-आधारित लागत घरेलू सिलेंडर के लिए भी बहुत अधिक है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक घरेलू LPG सिलेंडर की इम्पोर्ट-लिंक्ड वास्तविक लागत 1,600 रुपये से भी अधिक है। हालांकि उपभोक्ताओं को इससे काफी कम कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण सरकार और तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ गया है। इस अंतर को सरकार सब्सिडी और अन्य प्राइस मैनेजमेंट उपायों के जरिए संतुलित करने की कोशिश कर रही है।

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में अस्थिरता ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। यह वही मार्ग है जिससे दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और भारत के ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा गुजरता है। संकट के दौरान इस मार्ग पर व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।

मंत्रालय ने कहा कि सप्लाई चेन में बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू ईंधन लागत पर पड़ रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए मूल्य निर्धारण में संतुलन बनाए रखने की कोशिश जारी है।

कुल मिलाकर, वेस्ट एशिया संकट के कारण LPG की वैश्विक लागत में आई तेजी ने भारत में घरेलू और कमर्शियल गैस दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा कीमतों को लेकर स्थिति और संवेदनशील बनी रह सकती है।

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