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भारत में LPG खपत 16% घटी, वेस्ट एशिया तनाव और सप्लाई बाधाओं का असर

Kavita2
4 May 2026 4:54 PM IST
भारत में LPG खपत 16% घटी, वेस्ट एशिया तनाव और सप्लाई बाधाओं का असर
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Delhi दिल्ली: लेटेस्ट ऑफिशियल डेटा के अनुसार, अप्रैल महीने में भारत में कुकिंग गैस (LPG) की खपत में 16 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण बताई जा रही है, जिसका असर घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर पड़ा है।

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC), जो ऑयल मिनिस्ट्री के तहत काम करता है, के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में LPG की कुल खपत 2.2 मिलियन टन रही। यह पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज 2.62 मिलियन टन खपत से 16.16 प्रतिशत कम है। इसके अलावा यह अप्रैल 2024 में हुई 2.45 मिलियन टन बिक्री से भी लगभग 10.5 प्रतिशत कम है।

महीने-दर-महीने तुलना में भी गिरावट देखी गई है। मार्च में LPG की खपत 2.379 मिलियन टन थी, जो अप्रैल में घटकर 2.2 मिलियन टन रह गई।

भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे अहम समुद्री मार्गों से होकर आता है, जो हालिया क्षेत्रीय तनाव के कारण प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और उसके बाद तेहरान की प्रतिक्रिया ने इस मार्ग पर अस्थिरता बढ़ा दी है।

इसके साथ ही सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आने वाली आपूर्ति में भी बाधाएं सामने आई हैं, जिससे भारत की समग्र LPG सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।

घरेलू स्तर पर गैस की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई को रियलोकेट किया है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपयोगकर्ताओं को मिलने वाली LPG सप्लाई में कटौती की गई है, ताकि घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले महीनों में भी ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति सप्लाई मैनेजमेंट और ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।

सरकारी स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, अप्रैल में LPG खपत में आई यह गिरावट वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और भारत की आयात निर्भरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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