- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- लोकसभा की कार्यवाही...
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामेदार रहा मॉनसून सत्र

नई दिल्ली। लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। इस बार का सत्र शुरुआत से ही हंगामे की भेंट चढ़ा रहा। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा, वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही निर्धारित समय पर शुरू हुई। सदन की शुरुआत राष्ट्रगीत के सभी छह पदों के गायन के साथ हुई। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। कार्यवाही स्थगित होने के साथ ही इस सत्र का औपचारिक समापन हो गया।
#MonsoonSession2026
— SansadTV (@sansad_tv) August 13, 2026
भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।#LokSabha #ParliamentSession2026 @LokSabhaSectt @ombirlakota @loksabhaspeaker pic.twitter.com/7O0V71pyOf
मॉनसून सत्र के दौरान संसद में कई बार विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए और जवाब मांगते हुए सदन में प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
इस सत्र में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा काफी गर्माया रहा। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांग की और कई बार नारेबाजी भी की। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।
इसके अलावा राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित चोरी का मामला भी संसद में छाया रहा। विपक्ष ने इस मामले की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
मॉनसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए। हालांकि, विपक्ष का आरोप रहा कि कई अहम बिल बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में पास कर दिए गए। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में कानून बनाने से पहले व्यापक बहस जरूरी होती है। वहीं, सरकार ने कहा कि सभी विधेयकों को नियमों के अनुसार ही पारित किया गया है।
संसदीय कार्यवाही के दौरान कई मौकों पर सदन में शोर-शराबे की स्थिति बनी रही। विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के कारण कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा करने की अपील की।
सरकार की ओर से सत्र की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा गया कि कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और जरूरी विधायी कार्य पूरे किए गए। वहीं विपक्ष ने सत्र को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।
संसद का मॉनसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला। हालांकि, हंगामे के बावजूद कई विधायी कार्य पूरे किए गए। अब संसद की अगली बैठक आगामी सत्र में होगी।
सत्र समाप्त होने के बाद राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर इसकी समीक्षा शुरू कर दी है। सत्ता पक्ष इसे उपलब्धियों भरा सत्र बता रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सरकार ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का प्रयास किया। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।





