दिल्ली-एनसीआर

Lok Sabha में तीन विधेयकों पर बहस जारी, ओम बिरला ने मतदान का समय तय किया

Kavita2
16 April 2026 1:23 PM IST
Lok Sabha में तीन विधेयकों पर बहस जारी, ओम बिरला ने मतदान का समय तय किया
x

Delhi दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को जानकारी दी कि चुनाव क्षेत्र पुनर्निर्धारण से जुड़े बिल सहित तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर बहस दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक चलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इन विधेयकों पर अंतिम मतदान 17 अप्रैल की शाम को किया जाएगा।

बजट सत्र के बाद आज 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र शुरू हुआ है। इस विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए गए। इनमें चुनाव क्षेत्र पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन) बिल, केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव क्षेत्र पुनर्निर्धारण बिल और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक शामिल हैं। इन सभी विधेयकों को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में प्रस्तुत किया।

इन विधेयकों को पेश करने के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में 251 सदस्यों ने समर्थन में और 185 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। इसके बाद सदन में इन विधेयकों पर विस्तृत बहस शुरू की गई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि तीनों विधेयकों पर निर्धारित समय के अनुसार तीन से छह घंटे तक बहस होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो बहस का समय बढ़ाया भी जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि इन विधेयकों पर अंतिम वोटिंग 17 अप्रैल को शाम 4 बजे कराई जाएगी।

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि इन विधेयकों पर करीब 12 घंटे तक बहस की योजना है और आवश्यकता पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि यह विशेष सत्र विधेयकों पर विस्तृत चर्चा और उनके पारित होने के उद्देश्य से बुलाया गया है।

इन तीनों विधेयकों में संविधान संशोधन से जुड़े अहम प्रावधान भी शामिल हैं। खास तौर पर 131वें संविधान संशोधन के तहत 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, जहां अधिकांश राजनीतिक दल महिला आरक्षण बिल का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष ने डिलिमिटेशन बिल का कड़ा विरोध किया है। विपक्ष का आरोप है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ सकता है।

फिलहाल, संसद में इन विधेयकों पर बहस जारी है और सभी की निगाहें 17 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं, जो इन महत्वपूर्ण विधेयकों का भविष्य तय करेगा।

Next Story