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DU छात्राओं की सुरक्षा पर LG की अहम बैठक

Ratna Netam
30 Sept 2026 9:24 PM IST
DU छात्राओं की सुरक्षा पर LG की अहम बैठक
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नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख महिला कॉलेजों के प्रिंसिपलों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में कॉलेज परिसरों के अंदर के साथ-साथ आसपास की सड़कों, बस स्टॉप, पार्क, अंधेरे स्थानों और आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई। हाल के दिनों में महिला सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं के बीच राज निवास स्तर पर यह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और संबंधित डीसीपी मौजूद रहे। इसके अलावा परिवहन विभाग के सचिव-सह-आयुक्त, दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ समेत विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में लेडी श्रीराम कॉलेज, लेडी इरविन कॉलेज, मिरांडा हाउस, दौलत राम कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज, माता सुंदरी कॉलेज, गार्गी कॉलेज, इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमेन और जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन संस्थानों ने अपने-अपने कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और जरूरी सुधारों के बारे में जानकारी दी।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि महिला छात्रों की सुरक्षा केवल कॉलेज के गेट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। छात्राओं के घर, हॉस्टल या पीजी से कॉलेज तक आने-जाने वाले रास्तों, सार्वजनिक परिवहन, बस स्टॉप और आसपास के बाजारों को भी सुरक्षित बनाने की जरूरत है।
हाल के दिनों में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई महिला कॉलेजों की छात्राओं ने कॉलेजों के आसपास खराब रोशनी, पुलिस गश्त की कमी और कुछ असुरक्षित रास्तों को लेकर चिंता जताई है। खास तौर पर दक्षिण दिल्ली में एक नाबालिग से कथित गैंगरेप की घटना के बाद LSR, गार्गी और मिरांडा हाउस समेत कई कॉलेजों की छात्राओं ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था।
बैठक में पुलिस अधिकारियों को कॉलेजों के आसपास संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और वहां पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इससे पहले भी उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को कमजोर और संवेदनशील स्थानों पर ज्यादा दिखाई देने वाली पेट्रोलिंग करने तथा कॉलेज और स्कूलों के छात्रों के साथ सीधे संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुख रहा। कॉलेज प्रतिनिधियों की ओर से ऐसे रास्तों की जानकारी दी गई जहां शाम के बाद पर्याप्त स्ट्रीटलाइट नहीं रहती या पेड़ों तथा दूसरी बाधाओं के कारण प्रकाश कम हो जाता है। संबंधित एजेंसियों से इन इलाकों का निरीक्षण कर डार्क स्पॉट खत्म करने की दिशा में काम करने को कहा गया।
MCD और PWD के अधिकारियों की मौजूदगी में फुटपाथ, स्ट्रीटलाइट, सड़क किनारे अतिक्रमण और दूसरे नागरिक बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उपराज्यपाल पहले ही MCD, PWD और अन्य एजेंसियों को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और पार्कों की रोशनी तथा सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश दे चुके हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए बसों और बस स्टॉप की सुरक्षा पर भी विचार किया गया। महिला छात्राओं की बड़ी संख्या रोजाना बस, मेट्रो और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करती है। ऐसे में कॉलेजों के पास बस स्टॉप पर पर्याप्त प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना गया।
CCTV कैमरों की उपलब्धता और उनकी वास्तविक कार्य स्थिति पर भी चर्चा की गई। केवल कैमरे लगाने के बजाय यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कैमरे चालू हों, उनकी नियमित निगरानी हो और जरूरत पड़ने पर फुटेज समय पर उपलब्ध हो सके।
उपराज्यपाल ने संस्थानों और पुलिस के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया। इससे पहले उन्होंने निर्देश दिया था कि DCP, अतिरिक्त DCP, ACP और SHO स्तर के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों, कॉलेजों, छात्रों और संस्थानों के प्रमुखों से संपर्क करें और सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करें।
महिला कॉलेजों के प्रिंसिपलों से कहा गया कि वे अपने संस्थान के आसपास के संवेदनशील स्थानों, प्रवेश और निकास द्वारों, छात्राओं के प्रमुख आवागमन मार्गों और सुरक्षा संबंधी अन्य समस्याओं की सूची संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराएं। इसके आधार पर पुलिस, MCD, PWD और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे।
बैठक ऐसे समय हुई है जब दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कई स्तरों पर समीक्षा कर रहा है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद पीजी आवासों की सुरक्षा और नियमन को लेकर भी एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी। अब महिला छात्राओं की बाहरी सुरक्षा, हॉस्टल और कॉलेज तक यात्रा के रास्तों को भी व्यापक छात्र सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
LSR कॉलेज ने हाल में छात्र सुरक्षा परिषद बनाने की घोषणा भी की थी, जिसका उद्देश्य पुलिस और कॉलेज प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाना है। यह कदम कॉलेज के आसपास सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बाद उठाया गया था।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा के मामलों में केवल बैठकों या निर्देशों तक सीमित रहने के बजाय जमीन पर बदलाव दिखाई देना चाहिए। पहले की समीक्षा बैठकों में भी उन्होंने कहा था कि सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन कॉल और सोशल मीडिया पर आने वाले संकट संदेशों पर तत्काल प्रतिक्रिया होनी चाहिए।
बुधवार की बैठक के बाद अब संबंधित विभाग महिला कॉलेजों से मिले सुझावों और क्षेत्रवार समस्याओं के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। मुख्य फोकस पुलिस गश्त बढ़ाने, डार्क स्पॉट खत्म करने, CCTV कवरेज सुधारने, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन और कॉलेज प्रशासन तथा पुलिस के बीच नियमित समन्वय बनाने पर रहेगा।
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