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लेफ्ट यूनिटी ने सभी प्रमुख पदों पर कब्जा, AISA, SFI और DSF ने बनाई जीत की छाप

SHIDDHANT
6 Nov 2025 9:36 PM IST
लेफ्ट यूनिटी ने सभी प्रमुख पदों पर कब्जा, AISA, SFI और DSF ने बनाई जीत की छाप
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Delhi दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ (JNUSU) के चुनावों में लेफ्ट यूनिटी गठबंधन ने सभी प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है। इस गठबंधन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फ्रंट (DSF) शामिल हैं। चुनाव परिणामों के अनुसार, AISA की अदिति मिश्रा अध्यक्ष पद पर विजयी हुईं, जबकि SFI की के. गोपिका उपाध्यक्ष बनीं। DSF के सुनील यादव महासचिव पद पर और AISA के दानिश अली संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल करने में सफल रहे। इस तरह लेफ्ट यूनिटी ने JNUSU में सभी प्रमुख पदों पर अपना कब्जा बनाए रखा और छात्र राजनीति में अपनी मजबूती को फिर से साबित किया।
छात्रों और विभिन्न यूनियनों ने बताया कि लेफ्ट यूनिटी की जीत का मुख्य कारण उनकी एकजुट रणनीति और छात्र हितों पर केंद्रित चुनावी घोषणाएं रही। अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने सभी छात्रों से संवाद कायम रखने और उनके समस्याओं को हल करने की प्रतिबद्धता जताई। के. गोपिका ने अपने उपाध्यक्ष पद की जीत के बाद कहा कि वह विशेष रूप से महिला छात्रों के मुद्दों, सुरक्षित कैंपस वातावरण और छात्र कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान देंगी। महासचिव सुनील यादव ने कहा कि संगठन छात्र अधिकारों की रक्षा और समग्र शिक्षा सुधार के लिए सक्रिय रहेगा।
इस अवसर पर दानिश अली ने कहा कि संयुक्त सचिव के रूप में उनका ध्यान छात्र संघ की पारदर्शिता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने पर होगा। उन्होंने सभी छात्र संगठनों और यूनियनों के साथ समन्वय बढ़ाने का वादा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि लेफ्ट यूनिटी की यह लगातार सफलता JNU में छात्र राजनीति में उनकी पकड़ और छात्रों के बीच उनके प्रभाव को दर्शाती है। इसके साथ ही यह छात्र समुदाय में सक्रिय भागीदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण मिसाल भी पेश करती है।
इस तरह, JNUSU चुनाव में लेफ्ट यूनिटी की जीत न केवल छात्र राजनीति में उनकी मजबूत स्थिति को दिखाती है, बल्कि विश्वविद्यालय में छात्र हितों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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