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अमित शाह से मिले नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा, जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर विधानसभा में जारी राजनीतिक तनातनी के बीच नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। सुनील शर्मा के मुताबिक बैठक में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, विकास, शासन और जनता से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 25 सितंबर को विधानसभा में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव पेश होते ही सदन में सत्ता पक्ष और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ।
राज्य के दर्जे के प्रस्ताव पर विधानसभा में हंगामा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश प्रस्ताव में केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की गई। प्रस्ताव में वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और नवंबर 2024 में पारित प्रस्ताव का भी संदर्भ था। भाजपा ने खास तौर पर वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव के उल्लेख का विरोध किया।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा था कि भाजपा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन अनुच्छेद 370 या पुराने स्वायत्तता प्रस्ताव को इस बहस में शामिल किए जाने का विरोध करेगी। दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनका नया प्रस्ताव पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने से संबंधित है।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के अगले दिन सुनील शर्मा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात को अहम माना जा रहा है। हालांकि सामने आई जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं की बैठक केवल राज्य के दर्जे के मुद्दे तक सीमित नहीं थी, बल्कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई प्रशासनिक, सुरक्षा और जनहित के विषयों पर चर्चा हुई।
सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर चर्चा
सुनील शर्मा ने मुलाकात के बाद बताया कि गृह मंत्री के साथ जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति और कानून-व्यवस्था सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा विकास कार्यों, शासन व्यवस्था और आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए।
बैठक में जम्मू-कश्मीर में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों यानी SPO के वेतन में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया गया। सुनील शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने इस विषय को रखा।
सुनील शर्मा के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और समृद्धि को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और महत्वपूर्ण मामलों में सहयोग का भरोसा दिया।
राज्य के दर्जे को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग केंद्र सरकार के सामने भी उठाते रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में भी उन्होंने नई दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी और राज्य के दर्जे की जल्द बहाली का मुद्दा उठाया था।
विधानसभा के मौजूदा सत्र में यह मुद्दा और अधिक प्रमुख हो गया है। सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। 21 सितंबर को शरद सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों के विरोध के जवाब में सत्तापक्ष के सदस्यों ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए थे और सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा पूर्ण राज्य के दर्जे से संबंधित नया प्रस्ताव पेश किए जाने पर राजनीतिक टकराव और बढ़ गया। भाजपा ने प्रस्ताव में पुराने स्वायत्तता प्रस्ताव के संदर्भ पर आपत्ति जताई, जबकि सरकार ने राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग दोहराई।
शाह से मुलाकात में जनता के मुद्दे भी रखे
विधानसभा में जारी राजनीतिक बहस के बीच सुनील शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने जनता से संबंधित कई विषय भी रखे। बैठक में विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों पर चर्चा की गई।
सुनील शर्मा हाल के दिनों में शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर उमर अब्दुल्ला सरकार पर भी सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों को लेकर निर्वाचित सरकार की जिम्मेदारी पर जोर दिया है।
अब विधानसभा में राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर जारी बहस के बीच नेता प्रतिपक्ष की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात हुई है। बैठक में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से लेकर विकास, शासन और जनता से जुड़े मुद्दों तक चर्चा की गई। सुनील शर्मा के अनुसार गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई तथा महत्वपूर्ण विषयों पर सहयोग का भरोसा दिया।





