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सिक्किम को डेयरी विकास की बड़ी सौगात देंगे ललन सिंह

Kavita2
2 Nov 2026 11:46 AM IST
सिक्किम को डेयरी विकास की बड़ी सौगात देंगे ललन सिंह
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गंगटोक। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह 2 और 3 नवंबर 2026 को सिक्किम के गंगटोक और मंगन जिलों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह राज्य में डेयरी विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करेंगे और राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए स्थापित माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे। केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच को मजबूत करना, डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार करना तथा स्थानीय पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंत्री के इस दौरे में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी करीब 251.56 लाख रुपये की परियोजनाओं और पहलों का उद्घाटन एवं शुभारंभ किया जाएगा। माइक्रोबायोलॉजी लैब इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके माध्यम से दूध और दुग्ध उत्पादों की सूक्ष्मजीव संबंधी गुणवत्ता की जांच करने में सहायता मिलेगी। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

57 नई डेयरी सहकारी समितियों की पहल

केंद्रीय मंत्री सिक्किम में श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 57 नई डेयरी सहकारी समितियों (DCS) की स्थापना से जुड़ी पहल भी शुरू करेंगे। इसके अलावा पांच नवनिर्मित डेयरी सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे। इन समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को संगठित सहकारी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

मंत्रालय के अनुसार, उत्तर सिक्किम में भी 15 नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ना और उनके लिए दूध संग्रह, विपणन तथा सहकारी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाना है।

सहकारी समितियां ग्रामीण डेयरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके जरिए किसान अपना दूध एक संगठित व्यवस्था के माध्यम से बेच सकते हैं। इससे व्यक्तिगत स्तर पर बाजार तलाशने की परेशानी कम होती है और उत्पादकों को नियमित खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

चुरपी चीज के लिए शुरू होगी ट्रेसबिलिटी व्यवस्था

इस दौरे के दौरान गंगटोक और जोरथांग में निर्मित सिक्किम के पारंपरिक दुग्ध उत्पाद चुरपी चीज के लिए ट्रेसबिलिटी पहल भी शुरू की जाएगी। ट्रेसबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से किसी उत्पाद के उत्पादन और संबंधित प्रक्रिया की जानकारी का पता लगाने में सुविधा मिलती है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता, उसकी पहचान और बाजार में विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

चुरपी सिक्किम और हिमालयी क्षेत्रों का पारंपरिक दुग्ध उत्पाद है। स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन किया जाता है और इसे क्षेत्रीय खाद्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। नई व्यवस्था से इस उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उसकी गुणवत्ता संबंधी पहचान मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

डेयरी किसानों के लिए दो FPO को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री भारत सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए दो 'फॉडर प्लस' किसान उत्पादक संगठनों को भी प्रोत्साहित करेंगे। इन संगठनों का उद्देश्य पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता और उससे जुड़े कार्यों को व्यवस्थित करना है।

डेयरी व्यवसाय में पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा बेहद महत्वपूर्ण होता है। संतुलित पशु आहार और पर्याप्त चारे की उपलब्धता से दूध उत्पादन तथा पशुओं के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में चारा आधारित किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना पशुपालकों के लिए उपयोगी हो सकती है।

ऑर्गेनिक शहद और बाजरा-बकव्हीट उत्पाद भी होंगे लॉन्च

ललन सिंह के दौरे में केवल दूध उत्पादन तक सीमित गतिविधियां नहीं होंगी, बल्कि कृषि और खाद्य उत्पादों के विविधीकरण पर भी जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर ऑर्गेनिक शहद, नाइजर बीज मिश्रित पाउडर तथा बाजरा और बकव्हीट से तैयार ऑर्गेनिक बिस्कुट एवं मिठाइयों जैसे नए उत्पादों को भी पेश किया जाएगा।

इन उत्पादों के जरिए स्थानीय किसानों और छोटे उत्पादकों को अपने कृषि उत्पादों का मूल्य बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पैदा होने वाले पारंपरिक अनाज और प्राकृतिक उत्पादों को बाजार से जोड़ना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

मंगन में पशुपालकों और किसानों से करेंगे मुलाकात

इस दौरे में सिक्किम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मंगन जिला प्रशासन, केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB), डेयरी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

केंद्रीय मंत्री का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझना भी है। इससे केंद्र सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों की जानकारी मिल सकेगी।

मंगन जिले के दौरे के दौरान स्थानीय डेयरी और पशुपालन गतिविधियों से जुड़े लोगों की भागीदारी भी रहेगी। अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं की प्रगति तथा उनके प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

सिक्किम में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश

सिक्किम पूर्वोत्तर भारत में डेयरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य में दूध उत्पादन लगभग 89.35 हजार मीट्रिक टन रहा, जबकि प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता करीब 352 ग्राम प्रतिदिन दर्ज की गई।

इसके अलावा राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) के तहत वर्ष 2014 से सिक्किम में 7,093.99 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस मिशन का उद्देश्य स्वदेशी गोवंश का संरक्षण, नस्ल सुधार और पशुधन की उत्पादकता बढ़ाना है।

राज्य में डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार होने से छोटे पशुपालकों को भी संगठित बाजार व्यवस्था से जुड़ने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में दूध संग्रह और प्रसंस्करण की सुविधाएं विकसित करना महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का सिक्किम दौरा डेयरी विकास, पशुपालकों की आय बढ़ाने, सहकारी संस्थाओं के विस्तार और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन, 57 नई डेयरी समितियों की पहल और चुरपी चीज की ट्रेसबिलिटी व्यवस्था राज्य के डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने की कोशिश है।

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