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99 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी, पीएम मोदी ने घर जाकर दी शुभकामनाएं

Ratna Netam
8 Nov 2026 9:24 PM IST
99 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी, पीएम मोदी ने घर जाकर दी शुभकामनाएं
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। आडवाणी ने अपने जीवन के 99 वर्ष पूरे कर लिए हैं और वे 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ नेता से मुलाकात की और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के उन प्रमुख नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कई दशकों तक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान स्थापित करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री की यह मुलाकात राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रही।प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से लालकृष्ण आडवाणी को अपना वरिष्ठ मार्गदर्शक मानते रहे हैं। आडवाणी का राजनीतिक जीवन भारतीय जनता पार्टी के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री का उनके आवास पहुंचना पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व परंपरा और राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी विशेष महत्व रखता है।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी आडवाणी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 8 नवंबर को एक महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि आडवाणी का जीवन आधुनिक भारत की राजनीति के अनेक महत्वपूर्ण अध्यायों से जुड़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक विशेष लेख भी लिखा, जिसमें उन्होंने आडवाणी के राजनीतिक संघर्ष, संगठन निर्माण और सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष लेख में याद किया आडवाणी का योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख में लालकृष्ण आडवाणी के जीवन की शुरुआत से लेकर उनके लंबे राजनीतिक सफर का उल्लेख किया। उन्होंने भारत के विभाजन के दौरान आडवाणी के अनुभवों, नई परिस्थितियों में जीवन शुरू करने और बाद में जनसंघ तथा भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को याद किया।मोदी ने आपातकाल के दौरान आडवाणी के राजनीतिक संघर्ष, सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई रथयात्रा और केंद्र सरकार में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने लिखा कि आडवाणी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अध्ययन, लेखन और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी गहरी रुचि रखने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने आडवाणी के पुस्तकों के प्रति प्रेम, सिनेमा में रुचि और लेखन कार्य की चर्चा की।
आडवाणी को अपना मार्गदर्शक मानते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी के साथ अपने लंबे संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में उन्हें आडवाणी का मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा।मोदी के अनुसार, समय के साथ दोनों के बीच संबंध अधिक आत्मीय होते गए और आडवाणी उनके लिए अभिभावक के समान बन गए। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने उन्हें राजनीति की बारीकियां समझने और संगठनात्मक कार्यों को सीखने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।प्रधानमंत्री ने आडवाणी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
भाजपा मुख्यालय में पूजा और हवन का आयोजन
लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लियाकेंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और आडवाणी की पुत्री प्रतिभा आडवाणी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। इस दौरान आडवाणी के जीवन, राजनीतिक संघर्ष और संगठन के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।कार्यक्रम में करीब 20 मिनट का विशेष वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें आडवाणी के प्रमुख भाषणों और सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को प्रस्तुत किया गया। पार्टी नेताओं ने उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
भाजपा नेताओं ने आवास पहुंचकर दी शुभकामनाएं
जन्मदिन के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी आडवाणी के आवास पहुंचे।नेताओं ने उनसे मुलाकात कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आडवाणी की तस्वीरें भी सामने आईं।भाजपा नेताओं ने आडवाणी के लंबे सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुभव पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन का स्रोत रहे हैं।
1927 में कराची में हुआ था जन्म
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो उस समय अविभाजित भारत का हिस्सा था। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया।आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। बाद में वे भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में सक्रिय हुए।भारतीय जनता पार्टी की स्थापना और उसके विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका रही। उन्होंने कई वर्षों तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।आडवाणी देश के गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उनके राजनीतिक जीवन में 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथयात्रा एक प्रमुख घटना रही, जिसका भारतीय राजनीति पर व्यापक प्रभाव पड़ा।
भारत रत्न से हो चुके हैं सम्मानित
लालकृष्ण आडवाणी को वर्ष 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रीय राजनीति में योगदान के लिए प्रदान किया गया।उनके 99वें जन्मदिन का अवसर इस बार इसलिए भी विशेष रहा, क्योंकि इसी दिन दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में इस संयोग का उल्लेख करते हुए इसे यादगार अवसर बताया।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2026 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का अवसर है। इसके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का भी संदर्भ दिया।
जन्मदिन पर राजनीतिक जीवन की उपलब्धियों को किया याद
लालकृष्ण आडवाणी का 100वें वर्ष में प्रवेश भारतीय राजनीति के एक लंबे दौर की याद दिलाता है। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद के राजनीतिक परिवर्तनों, जनसंघ के विकास, भाजपा की स्थापना और गठबंधन सरकारों के दौर को करीब से देखा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके आवास पर मुलाकात और भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उनके राजनीतिक जीवन को याद किया गया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।दीपावली के दिन आडवाणी के जन्मदिन ने इस अवसर को और विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव पर शुभकामनाएं देते हुए सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को रेखांकित किया।
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