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शुद्धिकरण विवाद पर खड़गे ने नड्डा को लिखा पत्र दोषियों पर कार्रवाई की मांग

Kavita2
3 Sept 2026 12:25 PM IST
शुद्धिकरण विवाद पर खड़गे ने नड्डा को लिखा पत्र दोषियों पर कार्रवाई की मांग
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद हुए कथित "शुद्धिकरण" कार्यक्रम को लेकर राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खड़गे ने पत्र के माध्यम से इस मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है और नड्डा से आग्रह किया है कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश दें कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

खड़गे ने अपने पत्र में पिछले महीने हल्द्वानी में आयोजित अपनी रैली के बाद हुई घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने राज्यसभा में भी उठाया था, जिसके बाद सदन के नेता जेपी नड्डा की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने नड्डा को उसी आश्वासन की याद दिलाते हुए कहा कि अब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से इस मामले में गंभीरता दिखाने की मांग की है।

दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद एक कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हुआ था। कांग्रेस ने इस घटना को सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए विरोध जताया था।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि रैली के बाद किए गए शुद्धिकरण कार्यक्रम से दलित समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। पार्टी का कहना है कि संविधान में छुआछूत और भेदभाव को समाप्त किया गया है, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां सामाजिक समानता की भावना के खिलाफ हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र में कहा कि इस तरह के मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति या समूह को संविधान की भावना के खिलाफ काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

खड़गे ने नड्डा से अपील की कि वह उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश दें ताकि मामले में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्रवाई के माध्यम से विश्वास कायम किया जाना चाहिए।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमलावर है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार सामाजिक समानता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए।

वहीं, भाजपा की ओर से इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। राज्यसभा में चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था।

खड़गे ने अपने पत्र में उसी बयान का हवाला देते हुए कहा है कि अब उस आश्वासन को लागू करने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड सरकार मामले में तेजी से कार्रवाई करे और दोषियों पर कानून के अनुसार कदम उठाए।

कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है। पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठा रही है और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी कर रही है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इससे पहले भी इस मामले को लेकर प्रदर्शन किए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले और शुद्धिकरण कार्यक्रम दोनों मुद्दों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

खड़गे के पत्र के बाद अब इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है। कांग्रेस इसे सामाजिक न्याय के मुद्दे के रूप में आगे बढ़ा रही है, जबकि भाजपा की ओर से सरकार की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में भी उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है। दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे के जरिए अपने-अपने पक्ष को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल खड़गे ने जेपी नड्डा को पत्र लिखकर अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उत्तराखंड सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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