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चुनाव आयोग पर बरसे केसी वेणुगोपाल बोले पीछे नहीं हटेगा विपक्ष
Ratna Netam
2 Oct 2026 6:11 PM IST

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता इस मुद्दे पर आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच वेणुगोपाल ने इसे कांग्रेस और विपक्षी दलों के लिए लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़ी लड़ाई बताया।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के माध्यम से आम लोगों के वोट छीने जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि ये कांग्रेस और विपक्ष के आरोप हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर या राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य डुप्लीकेट तथा अयोग्य प्रविष्टियों को हटाना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि यह कांग्रेस के लिए "करो या मरो" की लड़ाई है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र और आम नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा से जोड़ा। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस, INDIA गठबंधन और अन्य विपक्षी दल इस मामले को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
वेणुगोपाल ने कहा, "यह देश के लोकतंत्र को बचाने और आम आदमी के वोट की रक्षा करने की लड़ाई है।" उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह चुनाव आयोग के जरिए आम लोगों के वोट छीन रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि इसी कारण कांग्रेस पार्टी, INDIA गठबंधन और अन्य विपक्षी दलों के लिए यह "करो या मरो" की लड़ाई बन गई है और विपक्ष ऐसा नहीं होने देगा।
वेणुगोपाल का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल जैसी मांगें भी रखी हैं।
विपक्षी गठबंधन ने इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन की रणनीति भी बनाई है। कांग्रेस ने अपनी राज्य और जिला इकाइयों से INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। दो से आठ अक्टूबर के बीच विभिन्न स्तरों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
इससे पहले भी कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर चुकी है। दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, भोपाल, पटना और गुवाहाटी सहित कई शहरों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए थे। कुछ स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया था।
अब वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के नेता गिरफ्तारी से पीछे नहीं हटेंगे। उनके मुताबिक मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और विपक्ष इसे लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस मुद्दे को लेकर सड़क से राजनीतिक मंच तक विरोध जारी रखेंगे।
वहीं मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपने वोटर-रोल सॉफ्टवेयर की समीक्षा भी शुरू की है। आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े अपने कदमों को कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप बताया है। विपक्ष के आरोपों के बीच आयोग का पक्ष है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है।
शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन भी देखने को मिले। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस इस पूरे विवाद को लोकतंत्र और मताधिकार से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर चुनाव आयोग विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक पक्षपात और गलत तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों को खारिज करता रहा है।
वेणुगोपाल के ताजा बयान के बाद चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर चल रहा राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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