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बृजभूषण की रिहाई पर भावुक हुए करण भूषण, विरोध करने वालों पर साधा निशाना

Ratna Netam
3 Aug 2026 3:45 PM IST
बृजभूषण की रिहाई पर भावुक हुए करण भूषण, विरोध करने वालों पर साधा निशाना
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दिल्ली : एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद बृजभूषण सिंह के समर्थकों में खुशी का माहौल है। वहीं, मामले से जुड़े पहलवानों और शिकायतकर्ताओं की ओर से फैसले को चुनौती देने की बात भी सामने आई है।

बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद उनके बेटे और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे खुशी का बड़ा पल बताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय और सच्चाई की जीत है। करण भूषण सिंह ने कहा कि उनके पिता के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों, कैसरगंज क्षेत्र की जनता और समर्थकों के लिए यह बेहद खुशी का दिन है।

करण भूषण सिंह ने कहा कि इस फैसले से शोषित खिलाड़ियों और खासकर पहलवानों की भी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते जिन्होंने आरोप लगाए थे। हालांकि, भावनाओं में उन्होंने आरोप लगाने वालों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें अब जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो लोग इस मामले को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, उन्हें अब अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। करण भूषण सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले ने सच्चाई सामने ला दी है।

वहीं, अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को "बाइज्जत बरी" किया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उनका विश्वास न्याय व्यवस्था में था।

बृजभूषण सिंह ने कहा कि जब उन पर आरोप लगाए गए थे, तभी उन्होंने कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित हो जाता है तो वह खुद को फांसी पर लटका लेंगे। उन्होंने कहा कि अब अदालत के फैसले से उन्हें राहत मिली है और वह अपने वकीलों के आभारी हैं।

हालांकि, बृजभूषण सिंह ने यह भी कहा कि वह अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि आदेश पढ़ने के बाद ही वह मामले पर आगे विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। लोक अभियोजक मनीष रावत ने कहा कि अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अभियोजन पक्ष इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है।

गौरतलब है कि छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए मामले में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग, यौन उत्पीड़न, पीछा करना और आपराधिक धमकी जैसी धाराएं शामिल थीं।

मई 2024 में अदालत ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने के आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत से जुड़े मामले में उन्हें राहत मिल गई थी।

इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई थी और मीडिया को अदालत कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। अंतिम बहस पूरी होने के बाद 2 जुलाई को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 3 अगस्त को सुनाया गया।

अदालत के फैसले के बाद एक तरफ बृजभूषण सिंह और उनके समर्थकों में खुशी है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष इस फैसले से संतुष्ट नहीं बताया जा रहा है। अब सभी की नजरें अदालत के विस्तृत आदेश और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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