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- 'जनरेशन गटर' विवाद पर...

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने चर्चित 'जनरेशन गटर' बयान पर सफाई देते हुए एक नया वीडियो जारी किया है। कंगना ने कहा कि उनकी टिप्पणी पूरी जेनरेशन जेड (Gen Z) के युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन कुछ लोगों के लिए थी जो सार्वजनिक जगहों पर अभद्र व्यवहार करते हैं और इसे सामान्य बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने वीडियो में सवाल उठाया कि क्या कोई माता-पिता अपनी बेटी को ऐसा व्यवहार करने की सीख देंगे?
कंगना ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा कि समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि कोई व्यक्ति दूसरों की गरिमा और भावनाओं को ठेस पहुंचाए। उन्होंने मीडिया और कुछ फेमिनिस्ट समूहों पर आरोप लगाया कि वे सड़कों पर होने वाले अनुचित व्यवहार को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कंगना ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने अशोभनीय गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जेनजी पीढ़ी के खिलाफ नहीं हैं। कंगना ने कहा कि आज कई युवा बेहतर काम कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले युवाओं की तारीफ की। उनका कहना था कि उनकी आलोचना केवल उन लोगों के लिए थी जो सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील भाषा, गलत व्यवहार और दिखावे को बढ़ावा देते हैं।
कंगना ने कहा कि उन्होंने ऐसे व्यवहार को ही 'जनरेशन गटर' कहा था और इसे पूरी युवा पीढ़ी से जोड़ना गलत है। उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि समाज में स्वतंत्रता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं। किसी भी व्यक्ति की आजादी दूसरे लोगों की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं देती।
कंगना ने कुछ लोगों पर युवाओं को गलत दिशा में ले जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य विकास और सकारात्मक बदलाव होना चाहिए, न कि ऐसा व्यवहार करना जिससे समाज में असहजता पैदा हो। उन्होंने कहा कि संस्कृति और संस्कारों का सम्मान करना जरूरी है और बुजुर्गों के सामने अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र आंदोलन और उससे जुड़े कुछ वायरल वीडियो व रील्स पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कुछ युवाओं और महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए 'जनरेशन गटर' शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी भाषा पर सवाल उठाए थे। विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा और कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वह केवल सामाजिक मर्यादा और अनुशासन की बात कर रही हैं।
अपने वीडियो के अंत में कंगना ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने गुरुओं और बुजुर्गों से सीख लें और जीवन में सकारात्मक दिशा अपनाएं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की नींव है और इसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
कंगना के इस स्पष्टीकरण के बाद भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे युवाओं की पूरी पीढ़ी को निशाना बनाने वाला बता रहे हैं। यह विवाद एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक मर्यादा और नई पीढ़ी के व्यवहार को लेकर चल रही बहस को सामने ले आया है।





