दिल्ली-एनसीआर

संसद गतिरोध पर कंगना का हमला राहुल को घेरा

Ratna Netam
11 Aug 2026 5:51 PM IST
संसद गतिरोध पर कंगना का हमला राहुल को घेरा
x
नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कंगना ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष पहले सदन में चर्चा कराने की मांग को लेकर लगातार हंगामा कर रहा था, लेकिन अब जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष उससे पीछे हटता नजर आ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता था तो अब वह सदन में बहस से क्यों बच रहा है।
कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष ने पहले चर्चा की मांग को लेकर सदन में काफी हंगामा किया। अब जब चर्चा होने जा रही है तो विपक्ष उससे भाग रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सुनना नहीं चाहता। कंगना ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में संसद कैसे चलेगी। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देने की अपील भी की।
भाजपा सांसद ने विपक्ष के रवैये को लेकर और भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राष्ट्रविरोधी ताकतों के हाथों में चला गया है। कंगना ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि विपक्ष ने सदन को एक दिन भी ठीक तरीके से चलने नहीं दिया। हालांकि, विपक्ष की ओर से सरकार पर भी सदन में अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
संसद के मौजूदा मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष अलग-अलग विषयों पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा है। इन मांगों को लेकर कई बार सदन में नारेबाजी, विरोध और हंगामा हुआ है। विपक्षी सांसदों के विरोध के चलते कई मौकों पर सदन की कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि वह नियमों के तहत विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का तर्क है कि संसद की कार्यवाही निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत चलनी चाहिए। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि विपक्ष द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब संबंधित मंत्री सदन में देंगे।
विपक्ष की ओर से विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में जवाब की मांग की जा रही थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने कई मौकों पर इस मुद्दे को उठाया। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने की अपील की।
सरकार का कहना है कि अगर विपक्ष सदन को चलने देता है तो संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है और सरकार की ओर से जवाब भी दिया जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल चर्चा जरूरी है और सरकार को इन विषयों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
इसी राजनीतिक खींचतान के बीच कंगना रनौत की टिप्पणी ने संसद के बाहर भी सियासी बहस को तेज कर दिया है। कंगना का कहना है कि जिस मुद्दे पर विपक्ष लंबे समय से चर्चा की मांग कर रहा था, उस पर चर्चा का रास्ता खुलने के बाद विपक्ष का पीछे हटना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा और बहस का मंच है और सभी पक्षों को अपनी बात रखने के साथ दूसरे पक्ष को सुनने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
संसद में जारी गतिरोध का असर विधायी कामकाज पर भी पड़ रहा है। हाल के दिनों में हंगामे के बीच सरकार ने कई विधेयक पेश किए और कुछ विधेयकों को पारित भी किया गया। हालांकि, विपक्ष लगातार विरोध करता रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव आगे भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती सदन की कार्यवाही को सामान्य तरीके से चलाने की है। यदि दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं तो विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत बहस संभव हो सकती है। फिलहाल कंगना रनौत के बयान ने विपक्ष के विरोध और सरकार की रणनीति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा का रास्ता किस तरह आगे बढ़ता है।
Next Story