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आया नगर हत्याकांड में कमल अधाना का नाम, शूटरों की तलाश तेज
nidhi
11 Oct 2026 9:12 AM IST

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जिम ट्रेनर विजय कुमार हत्याकांड
दक्षिणी दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस हत्याकांड की कड़ियां पुरानी पारिवारिक रंजिश और कथित गैंगवार से जुड़ती नजर आ रही हैं। मामले में कमल अधाना का नाम भी सामने आया है। पुलिस शूटरों और घटना की साजिश में कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
विजय कुमार की हत्या 14 सितंबर 2026 को आया नगर के हंसा चौक के पास हुई थी। वह जिम में मौजूद थे, तभी कुछ लोग उन्हें बाहर बुलाकर ले गए। इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल विजय की मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
दिनदहाड़े जिम ट्रेनर पर बरसाईं गोलियां
वारदात के समय विजय कुमार आया नगर के फतेहपुर बेरी इलाके में स्थित अपने जिम में थे। उन्हें बाहर बुलाए जाने के बाद हंसा चौक के पास गोली मारी गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर बाइक से पहुंचे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।
घटनास्थल से पुलिस ने गोलियों के खोखे बरामद किए। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 15 राउंड फायरिंग की बात सामने आई, जबकि अन्य रिपोर्टों में 18 गोलियों के खोखे मिलने का उल्लेख किया गया। विजय को कई गोलियां लगी थीं और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी की आशंका जताई थी। बाद में जांच का दायरा बढ़ाते हुए आया नगर में पहले से चले आ रहे पारिवारिक विवाद और उससे जुड़ी हिंसक घटनाओं की पड़ताल भी शुरू की गई।
शूटरों की पहचान, तलाश में जुटीं पुलिस टीमें
जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध शूटरों की पहचान की। 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, अंकुश, निखिल उर्फ गप्पू और दीपक के नाम सामने आए थे। एक अन्य मुख्य शूटर की पहचान उस समय तक स्पष्ट नहीं हो सकी थी। पुलिस की विभिन्न टीमें दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं।
इस मामले में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल फरीदाबाद के तिगांव से बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस को आशंका थी कि वारदात में शामिल लोगों ने पहचान छिपाने और फरार होने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी थीं कि बाइक घटनास्थल से फरीदाबाद कैसे पहुंची और आरोपियों को भागने में किसने मदद की।
1 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने दीपक नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उस पर हत्या के मामले में आरोपित दो शूटरों को पनाह देने का आरोप था। पुलिस उससे पूछताछ कर कथित तौर पर शूटरों को ठहराने और उन्हें सहायता देने से जुड़ी जानकारी जुटा रही थी।
कमल अधाना की भूमिका की भी जांच
विजय कुमार की हत्या के बाद उनके परिवार की ओर से कमल अधाना और आया नगर के एक अन्य व्यक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कमल अधाना का संबंध पहले मारे गए अरुण लोहिया से था। पुलिस इस बात की जांच कर रही थी कि क्या विजय की हत्या का संबंध पुराने विवाद से है और कथित तौर पर इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति का नाम शिकायत या जांच में सामने आना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। कमल अधाना की कथित भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
पुरानी रंजिश से जुड़ी हैं पिछली हत्याएं
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू आया नगर में दो परिवारों के बीच चला आ रहा विवाद है। रिपोर्टों के अनुसार, मई 2025 में अरुण लोहिया की हत्या हुई थी। इस मामले में दीपक सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में 30 नवंबर 2025 को दीपक के पिता रतनलाल की भी हत्या कर दी गई थी। पुलिस इन घटनाओं और विजय कुमार की हत्या के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।
जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, पुराने मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विजय कुमार को निशाना बनाने के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी थी या फिर पिछली हत्याओं का बदला लेने की साजिश। हालांकि, इन घटनाओं के बीच संबंध और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है।
गैंगवार के एंगल से भी पड़ताल
विजय कुमार की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के नाम से एक पोस्ट के जरिए वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया था। पुलिस इस दावे की प्रामाणिकता और हत्या में कथित गैंगों की भूमिका की जांच कर रही थी। शुरुआती पड़ताल में नीरज फरीदपुरिया और रणदीप भाटी से जुड़े कथित नेटवर्क के संभावित संबंधों की भी जांच की बात सामने आई थी। फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपियों तक पहुंचना, शूटरों को सहायता देने वाले लोगों की पहचान करना और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट करना है। जांच में सामने आने वाले सबूत ही यह निर्धारित करेंगे कि विजय कुमार की हत्या पुरानी पारिवारिक रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
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