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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विपक्षी खेमे में खुशी, केजरीवाल से तेजस्वी तक ने कसा तंज

Ratna Netam
25 July 2026 8:01 PM IST
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विपक्षी खेमे में खुशी, केजरीवाल से तेजस्वी तक ने कसा तंज
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नई दिल्ली : नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस्तीफे की खबर सामने आते ही विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताया।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही थी। उनके अनुसार, छात्रों और अभिभावकों के दबाव के बाद सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।

प्रियंका गांधी ने बताया छात्रों के संघर्ष की जीत

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के लाखों परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के संघर्ष, धैर्य और आवाज की जीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने लंबे समय तक न्याय की मांग को लेकर संघर्ष किया और आखिरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेना पड़ा।

प्रियंका गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता और छात्रों की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है।

विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की परीक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट जैसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।

समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने भी कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई और उनका आंदोलन सरकार को जवाबदेह बनाने में सफल रहा।

छात्र आंदोलन बना राजनीतिक मुद्दा

नीट पेपर लीक विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन किया।

विपक्षी दलों ने इन आंदोलनों को समर्थन देते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर विचार करने की अपील की थी। अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष इसे अपने राजनीतिक अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है।

आगे की परीक्षा व्यवस्था पर रहेगी नजर

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की आगे की रणनीति और परीक्षा सुधारों को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वहीं, छात्र संगठनों का कहना है कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में ठोस बदलाव और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी जरूरी है।

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