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जुएल ओराम का दावा मेरे खिलाफ रची जा रही साजिश मंत्री पद छीनने की कोशिश
Ratna Netam
29 Aug 2026 1:56 PM IST

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नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जुएल ओराम ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। ओराम ने दावा किया है कि भाजपा के कुछ नेता उन्हें बदनाम करने और केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर करवाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ अभियान चला रहे हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
जुएल ओराम के इस बयान के बाद भाजपा के अंदर की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें कैबिनेट से हटाया जाए ताकि उन्हें मंत्री बनने का मौका मिल सके।
बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप
जुएल ओराम ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते आए हैं और भाजपा को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है। ऐसे में कुछ लोगों द्वारा उनके खिलाफ इस तरह की गतिविधियां चलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
ओराम ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के संगठन स्तर के नेताओं को इस मामले की जानकारी दी है। अगर राज्य स्तर पर समाधान नहीं हुआ तो वह इस मुद्दे को केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी रखेंगे।
‘हाथ काट देने की ताकत है’ बयान से मचा विवाद
जुएल ओराम ने अपने खिलाफ साजिश करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे लोगों से निपटने की क्षमता है जो उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके ‘हाथ काट देने’ वाले बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने इस बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और कहा है कि एक केंद्रीय मंत्री का इस तरह का बयान देना गंभीर मामला है।
सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद दिया बयान
ओराम का यह बयान उनके एक करीबी सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है। पुलिस ने ओडिशा के राउरकेला में उनके प्रतिनिधि से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की थी। इसके बाद जुएल ओराम ने कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून अपना काम करेगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
छह बार सांसद रह चुके हैं जुएल ओराम
जुएल ओराम ओडिशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके हैं। वह भाजपा के पुराने और प्रमुख आदिवासी नेताओं में शामिल हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय भी उन्हें केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद नरेंद्र मोदी सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई।
ओराम का ओडिशा की राजनीति में बड़ा प्रभाव माना जाता है। आदिवासी समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ है और भाजपा में उन्हें लंबे समय से महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता रहा है।
पार्टी के अंदर बढ़ी चर्चा
जुएल ओराम के बयान के बाद भाजपा के भीतर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वरिष्ठ नेता का इस तरह खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करना पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है।
विपक्ष ने साधा निशाना
जुएल ओराम के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि अगर सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता ही पार्टी के अंदर साजिश और असंतोष की बात कर रहे हैं तो यह भाजपा की आंतरिक स्थिति को दिखाता है।
वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि ओराम ने केवल अपने खिलाफ चल रही कथित साजिश पर नाराजगी जताई है और पार्टी नेतृत्व मामले को जल्द सुलझा लेगा।
फिलहाल जुएल ओराम के बयान ने ओडिशा और दिल्ली की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस विवाद का असर भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर कितना पड़ता है।
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