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इंडियाज गॉट लेटेंट में मजाक पड़ा भारी समय रैना पर उठे सवाल

Ratna Netam
29 Aug 2026 5:02 PM IST
इंडियाज गॉट लेटेंट में मजाक पड़ा भारी समय रैना पर उठे सवाल
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नई दिल्ली। मशहूर कॉमेडियन और यूट्यूबर **समय रैना** एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनके लोकप्रिय कॉमेडी शो **'इंडियाज गॉट लैटेंट'** के एक एपिसोड से जुड़ा है, जिसमें बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई टिप्पणियों पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने इसे मजाक के नाम पर समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जबकि कुछ दर्शकों ने इसे कॉमेडी और रोस्ट कल्चर का हिस्सा बताया।
समय रैना इससे पहले भी अपने शो को लेकर विवादों में रह चुके हैं। अब नए एपिसोड में एक कंटेस्टेंट और कॉमेडियन शेरोन वर्मा के साथ हुई बातचीत को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। इस बातचीत में दोनों ने एक-दूसरे की क्षेत्रीय पृष्ठभूमि को लेकर मजाक किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
क्या कहा गया था शो में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो के दौरान समय रैना ने कॉमेडियन शेरोन वर्मा के बिहारी बैकग्राउंड को लेकर मजाक किया। उन्होंने बिहार से जुड़े कुछ तंज किए, जिस पर शेरोन वर्मा ने भी पलटवार किया।
बातचीत के दौरान शेरोन ने समय रैना की कश्मीरी पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी की। समय रैना मूल रूप से कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं और उन्होंने अपने परिवार के कश्मीर से विस्थापन को लेकर पहले भी कई बार बात की है।
यही वजह है कि इस मजाक को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि कश्मीरी पंडितों के दर्द और बिहार जैसे राज्यों की पहचान से जुड़े मुद्दों को कॉमेडी का हिस्सा बनाते समय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
कश्मीरी पंडितों को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
कश्मीरी पंडित समुदाय का कश्मीर से विस्थापन एक गंभीर ऐतिहासिक घटना रही है। इस वजह से समुदाय से जुड़े विषयों पर भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
समय रैना ने अपने कई स्टैंडअप कार्यक्रमों में अपने कश्मीरी पंडित परिवार और विस्थापन के अनुभवों का जिक्र किया है। ऐसे में जब शो में इसी पृष्ठभूमि से जुड़ा मजाक सामने आया तो कई लोगों ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताया।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि कॉमेडी में व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्य किया जाता है और हर मजाक को अपमान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
बिहारियों को लेकर भी उठे सवाल
इस विवाद का दूसरा हिस्सा बिहार से जुड़ा है। भारत में बिहारियों को लेकर लंबे समय से कुछ रूढ़ धारणाएं और मजाक सोशल मीडिया पर देखने को मिलते रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि किसी राज्य या समुदाय की पहचान को बार-बार मजाक का विषय बनाना गलत संदेश दे सकता है। वहीं कॉमेडी से जुड़े लोगों का कहना है कि रोस्ट कॉमेडी में किसी व्यक्ति या पहचान पर व्यंग्य करना शैली का हिस्सा होता है, लेकिन उसकी सीमा तय होनी चाहिए।
भाजपा विधायक ने की आलोचना
इस मामले पर भाजपा विधायक राम कदम ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी भी समुदाय, धर्म या ऐतिहासिक पीड़ा से जुड़े विषयों पर मजाक करते समय सावधानी रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लोकप्रियता पाने के लिए संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि शो के समर्थकों का कहना है कि कॉमेडी को राजनीतिक या सामाजिक दबाव में सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
समय रैना पहले भी विवादों में रहे हैं
समय रैना का नाम इससे पहले भी 'इंडियाज गॉट लैटेंट' को लेकर विवादों में आ चुका है। शो में कुछ टिप्पणियों को लेकर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। बाद में अदालत ने संबंधित मामलों में राहत दी थी, हालांकि अभिव्यक्ति और जिम्मेदारी को लेकर बहस जारी रही।
इस विवाद के बाद कॉमेडी कंटेंट, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर देशभर में चर्चा हुई थी।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
नए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय अलग-अलग नजर आ रही है।
एक वर्ग का कहना है कि कॉमेडी में किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। वहीं दूसरा वर्ग इसे सामान्य रोस्ट कॉमेडी बता रहा है और कह रहा है कि दर्शकों को इसे मनोरंजन के रूप में देखना चाहिए।
कॉमेडी और संवेदनशीलता की बहस
यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कॉमेडी की सीमा क्या होनी चाहिए। कलाकारों के पास अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन समाज के अलग-अलग वर्गों की भावनाओं और इतिहास को ध्यान में रखना भी जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यंग्य और हास्य समाज की कमियों पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन किसी समुदाय की पीड़ा या पहचान को लेकर मजाक करते समय संतुलन जरूरी होता है।
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