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दिल्ली में जीतन राम मांझी ने की धर्मेंद्र प्रधान से अहम मुलाकात

SHIDDHANT
16 Nov 2025 8:46 PM IST
दिल्ली में जीतन राम मांझी ने की धर्मेंद्र प्रधान से अहम मुलाकात
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Delhi दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद अब बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बिहार विधानसभा चुनाव के भाजपा प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। यह बैठक बिहार चुनाव को लेकर एनडीए के अंदर चल रही रणनीतिक तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान बिहार भाजपा के सह-प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद थे। तीनों नेताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनाव, सीट वितरण, गठबंधन की मजबूती और चुनावी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मांझी और भाजपा नेताओं के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब बिहार में एनडीए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है और विपक्षी गठबंधन नई चुनौतियों का सामना कर रहा है।

माना जा रहा है कि बैठक में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) की भूमिका, चुनावी सीटों पर संभावित तालमेल और दलित–महादलित वोट बैंक को साधने की रणनीति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। बिहार की राजनीति में मांझी का प्रभाव विशेष रूप से महादलित समुदाय में मजबूत माना जाता है, जिसके कारण भाजपा उनके साथ तालमेल को और सुदृढ़ करना चाहती है। धर्मेंद्र प्रधान की बिहार प्रभारी के रूप में यह एक और अहम मुलाकात है, जो चुनाव को लेकर उनकी सक्रियता और भाजपा की गंभीर तैयारी को दर्शाती है। बैठक के बाद आधिकारिक बयान भले ही जारी नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे एनडीए की चुनावी रणनीति के लिए “अहम कदम” माना जा रहा है।

विरोधी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए एनडीए अपनी साझेदारियों को मजबूत कर मैदान में उतरने की योजना पर काम कर रहा है। भाजपा नेतृत्व लगातार सहयोगी दलों से संवाद कर रहा है, ताकि चुनाव से पहले किसी तरह की असहमति या भ्रम की स्थिति न पैदा हो। जीतन राम मांझी की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि एनडीए में सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति पर एकमत बनने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और भी सहयोगी दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि मांझी की सक्रियता और भाजपा नेतृत्व से लगातार हो रही बातचीत यह दर्शाती है कि एनडीए बिहार में मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।
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