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जयंत चौधरी और CM रेखा गुप्ता ‘कैंपस टू मार्केट’ फेस्टिवल 2026 में शामिल
SHIDDHANT
14 Jan 2026 11:47 PM IST

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Delhi दिल्ली। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ‘कैंपस टू मार्केट - दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026’ का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार के प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों से आए युवा इनोवेटर्स, शिक्षकों, निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों से संवाद किया और छात्र-नेतृत्व वाले इनोवेशन की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्टार्टअप प्रदर्शनी में प्रस्तुत विभिन्न इनोवेशन, प्रोटोटाइप और बिजनेस मॉडलों को देखा और युवा उद्यमियों की रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और तकनीकी दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कई छात्र टीमों से उनके स्टार्टअप आइडिया, मार्केट स्ट्रेटेजी और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवा उद्यमियों को इनोवेशन को वास्तविक समाधान में बदलने के लिए लगातार मार्गदर्शन और सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत एक युवा देश है और हमारे पास युवाओं की बड़ी ताकत है। इसी वजह से हमारे काम करने की क्षमता बहुत अधिक है। लेकिन इस युवा शक्ति का सही फायदा तभी मिलेगा, जब हम युवाओं को आगे बढ़ने के मौके दें, उनकी प्रतिभा पहचानें और उनके कौशल को निखारें।
उन्होंने कहा कि पहले हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी थी कि जो बच्चे पढ़ाई के पारंपरिक ढांचे में फिट नहीं बैठते थे, उनके लिए स्कूल और कॉलेज के रास्ते लगभग बंद हो जाते थे। विश्वविद्यालयों में भी सिर्फ किताबी पढ़ाई पर ही जोर दिया जाता था। पूरे सिस्टम में यही सोच थी कि केवल औपचारिक शिक्षा ही जरूरी है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए इस सोच को बदला जा रहा है। आज जरूरत इस बात की है कि हम सिर्फ डिग्री पर नहीं, बल्कि बच्चों की काबिलियत पर ध्यान दें। यह तभी संभव है जब बच्चों को कौशल-आधारित शिक्षा दी जाए, उन्हें अनुभव के जरिए सीखने के अवसर मिलें और वे बाहर की दुनिया को समझकर उससे सीख सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का युवा केवल ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बन रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के छात्र स्टार्टअप्स में असाधारण रचनात्मकता और इनोवेशन की क्षमता दिखाई दे रही है। ये वर्तमान समय की सामाजिक, पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप और इनोवेशन का मजबूत इकोसिस्टम विकसित हुआ है, जिसने युवाओं को विचार से उद्यम तक की यात्रा के लिए आवश्यक मंच, नीति और सहयोग दिया है। दिल्ली सरकार भी इसी दिशा में शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को जोड़कर राजधानी को ‘स्टार्टअप कैपिटल ऑफ इंडिया’ बनाने की ओर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि देश के लिए समाधान रचने की भावना अपनाएं, ताकि दिल्ली और भारत वैश्विक स्तर पर इनोवेशन का नेतृत्व कर सकें।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पहले दिल्ली में स्टार्टअप्स तो थे, लेकिन वे बिखरे हुए थे। न कोई स्पष्ट स्टार्टअप नीति थी और न ही छात्रों को उद्योग, मेंटर्स और निवेशकों से जोड़ने की व्यवस्थित व्यवस्था। शिक्षा और स्टार्टअप से जुड़ी पहलें तब केवल घोषणाओं तक सीमित थीं। अब यह सोच पूरी तरह बदल चुकी है। दिल्ली सरकार स्कूल से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें कौशल विकास, उद्यमिता और इनोवेशन को केंद्र में रखा गया है और सार्वजनिक व निजी संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं।
‘स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026’ दिल्ली सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य दिल्ली को ‘स्टार्टअप कैपिटल ऑफ इंडिया’ के रूप में स्थापित करना है। दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम छात्र-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को कैंपस से बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में विकसित इनोवेशन को व्यावसायिक और टिकाऊ उद्यमों में बदलना है।
‘कैंपस टू मार्केट’ पहल के तहत छात्रों को निवेशकों, मेंटर्स और उद्योग विशेषज्ञों के सामने अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। 700 से अधिक आवेदनों में से 60 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने स्टार्टअप एक्सपो में भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 20 को लाइव पिचिंग का अवसर मिला। पुरस्कार स्वरूप शीर्ष 6 स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपए की ग्रांट और शीर्ष 100 स्टार्टअप्स को 1 लाख रुपए की ग्रांट दी गई।
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