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नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब एक महीने से चला आ रहा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन जल्द ही समाप्त हो सकता है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी के कड़े रुख और बढ़ते आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार बातचीत का कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित वीपी हाउस में सीजेपी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों की ओर से सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई, जिससे मामले के शांतिपूर्ण हल निकलने की उम्मीद जगी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बदला गया बैठक का स्थान
इससे पहले शुक्रवार सुबह यह खबर आई थी कि सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच यह बहुप्रतीक्षित मुलाकात दोपहर 12.30 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जाएगी। हालांकि, अंतिम समय में सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कारणों से बैठक का स्थान बदल दिया गया और इसे वीपी हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वीपी हाउस के बाहर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल तथा सुरक्षा बल तैनात रहे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी है CJP
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके हजारों समर्थक पिछले 26 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। सीजेपी नेता NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। अभिजीत दीपके का स्पष्ट कहना था कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते और छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। इसी मांग को लेकर वे लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए थे।
हिंसक झड़प के बाद हरकत में आई सरकार
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन ने हाल ही में उस समय गंभीर रूप ले लिया जब प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प हो गई। प्रदर्शन में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकी। इस अचानक हुए हमले में दिल्ली पुलिस के दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) समेत लगभग चार से पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। आंदोलन के हिंसक रूप लेने और स्थिति बिगड़ने के बाद ही केंद्र सरकार ने तत्परता दिखाते हुए सीजेपी नेतृत्व को वार्ता की मेज पर लाने की पहल की।
45 मिनट तक चली वार्ता से बनी समाधान की उम्मीद
शुक्रवार को हुई 45 मिनट की इस वार्ता में केंद्रीय मंत्रियों ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। हालांकि बैठक के विस्तृत विवरण का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बिंदुओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि इसी दौरान लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी सरकार के साथ अपनी तीन मुख्य मांगों पर सहमति बनने के बाद अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन समाप्त कर दिया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि CJP के साथ 45 मिनट चली इस अहम बैठक के बाद अब जंतर-मंतर पर जारी गतिरोध भी जल्द खत्म हो जाएगा।





