- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- प्रदर्शन की अनुमति...

x
Delhi दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें मंगलवार को जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति न मिलने को चुनौती दी गई है। जस्टिस अमित महाजन ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया, क्योंकि दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा था। IYC की ओर से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा और विवेक तन्खा पेश हुए।
याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि याचिका चार दिन पहले दायर की गई थी और पुलिस के वकील अब तक निर्देश ले सकते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मामले की सुनवाई सोमवार को ही होनी चाहिए।
IYC ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देने के दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। IYC ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से, विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देने वाले दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के पत्र को चुनौती देते हुए कोर्ट का रुख किया। IYC मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं को लेकर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, "हमारी लड़ाई सिर्फ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए नहीं है; यह उस लोकतांत्रिक दायरे की रक्षा के लिए है जिसमें हर नागरिक सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछ सकता है। संविधान बोलने, इकट्ठा होने और शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।"
IYC लीगल डिपार्टमेंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा, "कानूनी स्थिति स्पष्ट है: शांतिपूर्ण सभा को विनियमित करने की शक्ति का इस्तेमाल यांत्रिक रूप से उस अधिकार को खत्म करने के लिए नहीं किया जा सकता है जिसे विनियमित करने के लिए ही वह शक्ति दी गई है।"
Next Story





