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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर IYC का मार्च

Ratna Netam
4 Oct 2026 8:37 PM IST
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर IYC का मार्च
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नई दिल्ली। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध मार्च निकाला। IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में प्लेकार्ड और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। IYC ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। संगठन ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें। हालांकि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े विपक्ष के आरोपों से इनकार किया गया है।
युवा कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब दिल्ली में लगातार कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक और छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसी मुद्दे पर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
रविवार के मार्च की अगुवाई करते हुए उदय भानु चिब ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। IYC का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। संगठन ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता को महत्वपूर्ण बताते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। रायसीना रोड और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की मौजूदगी दिखाई दी। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए थे। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पाबंदियां लगाई थीं और IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था।
IYC ने अदालत में पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को चुनौती दी है। संगठन के अनुसार, उसने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आवेदन किया था और सुरक्षा, यातायात, अनुशासन तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी सभी वैध शर्तों का पालन करने की बात कही थी।
इससे पहले भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक तरीके से प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उस प्रदर्शन को भी उदय भानु चिब ने नेतृत्व दिया था।
रविवार को निकाले गए मार्च में IYC कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। संगठन ने दावा किया कि चुनाव आयोग से जुड़े सवाल केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं हैं और चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना जरूरी है।
वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों का SIR बना हुआ है। विरोध करने वाले राजनीतिक और सामाजिक संगठन इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अमान्य प्रविष्टियों को हटाना है। आयोग और भाजपा ने उन आरोपों को भी खारिज किया है जिनमें इस प्रक्रिया से सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाने की बात कही गई है।
दिल्ली में हाल के दिनों में हुए प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है। अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन कई जगह पुलिस बैरिकेडिंग के कारण उन्हें रोका गया। रविवार को भी दिल्ली में विभिन्न समूहों के प्रदर्शन जारी रहे।
युवा कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। संगठन का आरोप है कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण दे रही है। यह IYC का राजनीतिक आरोप है और इसे केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
उदय भानु चिब के नेतृत्व में युवा कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर सक्रिय दिखाई दे रही है। संगठन का कहना है कि चुनाव आयोग से जुड़े सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित हैं और इनका जवाब मिलना चाहिए। इसी आधार पर IYC लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर दिल्ली के अलावा मुंबई में भी रविवार को बड़ा राजनीतिक विरोध प्रदर्शन हुआ। मुंबई में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त मार्च का नेतृत्व किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
इस बीच चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर मतभेद बने हुए हैं। विपक्षी दल प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, जबकि आयोग इसे मतदाता सूची को अद्यतन और सही रखने की प्रक्रिया बता रहा है। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।
रविवार को रायसीना रोड से जंतर-मंतर की ओर निकला IYC का मार्च इसी राजनीतिक विवाद की एक और कड़ी रहा। सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई। भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच हुए इस प्रदर्शन के जरिए युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर अपना राजनीतिक दबाव बनाए रखने का प्रयास किया।
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