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राहत की बात : ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलने के बाद पहली बार दिल्ली के 11 में से 10 जिले ग्रीन जोन में पहुंचे, एक अभी ऑरेंज

Renuka Sahu
14 Feb 2022 1:53 AM GMT
राहत की बात : ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलने के बाद पहली बार दिल्ली के 11 में से 10 जिले ग्रीन जोन में पहुंचे, एक अभी ऑरेंज
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फाइल फोटो 

ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलने के बाद पहली बार दिल्ली के 11 में से 10 जिले ग्रीन जोन में आ गए हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। ओमिक्रॉन वेरिएंट मिलने के बाद पहली बार दिल्ली के 11 में से 10 जिले ग्रीन जोन में आ गए हैं। इनमें कोरोना की संक्रमण दर पांच फीसदी से नीचे है, जिसे स्वास्थ्य विभाग नियंत्रित स्थिति मान रहा है। पिछले वर्ष चार दिसंबर को राजधानी में पहला ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज मिला था। उसके बाद हर दिन संक्रमण बढ़ता चला गया और महामारी की पांचवीं लहर सामने आई। अब संक्रमण कम होने से हालात सुधर रहे हैं।

रविवार को दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने पांच से 11 फरवरी के बीच जिलावार संक्रमण की स्थिति जानने के लिए रिपोर्ट तैयार की है, जिसके मुताबिक दक्षिणी दिल्ली जिला ऑरेंज जोन में है। यहां बीते सप्ताह पांच फीसदी से अधिक नमूने कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन दिनों सबसे अधिक संक्रमण इसी जिले में दर्ज किया गया है। सबसे कम संक्रमण उत्तर पूर्वी जिले में है, जहां एक फीसदी से भी कम नमूने संक्रमित मिले हैं।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 11 में से 10 जिलों में औसतन संक्रमण दर दो से तीन फीसदी के बीच है। एक जिला दक्षिणी दिल्ली में यह 5.04 फीसदी है। पांच से 11 फरवरी के बीच दिल्ली में औसतन साप्ताहिक संक्रमण दर 2.61 फीसदी दर्ज की गई।
इन जिलों में हालात पर काबू : रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी दिल्ली में संक्रमण दर 3.79 फीसदी दर्ज की गई है। उत्तर पश्चिम जिले में 3.38 फीसदी रही। नई दिल्ली जिले में 3.01 फीसदी संक्रमण रहा। पूर्वी दिल्ली और दक्षिण पूर्वी जिले में संक्रमण क्रमश: 2.51 और 2.06 फीसदी मिला है। दक्षिण पश्चिम, मध्य, उत्तरी और शाहदरा जिले में यह दर क्रमश: 1.83, 1.37, 1.24 और 1.19 फीसदी है। उत्तर पूर्वी जिले में एक सप्ताह के दौरान 85 फीसदी नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर से हुई हैं।
दक्षिणी जिले में आरटी-पीसीआर भी कम
दिल्ली के दो जिले दक्षिण और उत्तर पूर्वी में कोरोना संक्रमण सबसे अधिक और कम है। इन दोनों जिलों की आपस में तुलना करें तो दक्षिण दिल्ली में आरटी-पीसीआर का इस्तेमाल कम हुआ है। यहां एक सप्ताह में 82 फीसदी नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिए हुई हैं, जबकि 18 फीसदी जांच एंटीजन किट के जरिए हुई है। इससे दोनों जिलों के बीच संक्रमण में पांच फीसदी का अंतर है।
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