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इरफान-प्रियंका गांधी की मुलाकात चर्चा में, NEET विरोध से जुड़े मजदूर की कहानी वायरल

Kavita2
28 July 2026 5:29 PM IST
इरफान-प्रियंका गांधी की मुलाकात चर्चा में, NEET विरोध से जुड़े मजदूर की कहानी वायरल
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नई दिल्ली: NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए दिहाड़ी मजदूर मोहम्मद इरफान और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच हुई बातचीत अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखने वाले इरफान रातों-रात इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गए थे।

मोहम्मद इरफान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में प्रियंका गांधी से हुई अपनी बातचीत और उनके घर आने से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंचने से पहले उन्हें फोन किया था।

छात्रों के समर्थन में आवाज उठाकर चर्चा में आए इरफान

NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र लीक के आरोपों को लेकर देशभर में छात्रों और युवाओं के बीच विरोध प्रदर्शन हुए। इसी क्रम में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और समर्थक शामिल हुए थे।

इसी प्रदर्शन के दौरान दिहाड़ी मजदूर मोहम्मद इरफान ने छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

इरफान की बातों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। उनकी सादगी और छात्रों के मुद्दों पर खुलकर बोलने के अंदाज की कई लोगों ने सराहना की।

प्रियंका गांधी ने किया फोन

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोहम्मद इरफान ने बताया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात से पहले फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद वह उनके घर पहुंचीं और परिवार से मुलाकात की।

इरफान ने एक इंटरव्यू में इस मुलाकात से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर उनकी बात सुनी और उनके संघर्ष को समझने की कोशिश की।

उनके अनुसार, बातचीत के दौरान शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की परेशानियों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

सोशल मीडिया पर छाई बातचीत

इरफान और प्रियंका गांधी की बातचीत सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने इसे छात्रों के मुद्दों पर आम लोगों की भागीदारी और उनकी आवाज को सामने लाने वाला कदम बताया।

वहीं, कुछ लोगों ने इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। हालांकि, इरफान का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाना था।

इरफान ने बताया अपना अनुभव

इंटरव्यू में मोहम्मद इरफान ने बताया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद उन्हें कई लोगों के संदेश और फोन आने लगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी दूर तक पहुंचेगी।

उन्होंने कहा कि वह एक सामान्य मजदूर हैं और उनका मकसद किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि छात्रों की परेशानी को सामने रखना था।

NEET-UG विवाद और छात्रों की मांग

NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र लीक के आरोपों को लेकर छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा होता है।

बातचीत ने फिर उठाया शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा

मोहम्मद इरफान और प्रियंका गांधी के बीच हुई बातचीत ने एक बार फिर परीक्षा सुधार, छात्रों की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

जहां इरफान जैसे आम नागरिकों की आवाज सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े मंच तक पहुंच रही है, वहीं राजनीतिक दल भी ऐसे मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

फिलहाल, NEET-UG 2026 विवाद और इससे जुड़े विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बने हुए हैं। मोहम्मद इरफान की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि किसी बड़े मुद्दे पर आम व्यक्ति की आवाज भी व्यापक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर सकती है।

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