- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- करवाचौथ पर IPS अंशिका...
करवाचौथ पर IPS अंशिका वर्मा की तस्वीर चर्चा में, ड्यूटी और त्योहार को लेकर खास संदेश

नई दिल्ली। देशभर में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को करवाचौथ का त्योहार पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखा। शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोला गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई प्रसिद्ध हस्तियों और अधिकारियों की तस्वीरें सामने आईं। इन्हीं के बीच भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी अंशिका वर्मा से जुड़ी एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। तस्वीर को लेकर चर्चा हुई कि पुलिस और अन्य आवश्यक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों को कई बार पारिवारिक त्योहारों के अवसर पर भी अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। हालांकि अंशिका वर्मा की संबंधित तस्वीर के सटीक स्थान, समय और उसमें दिखाई गई गतिविधि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के आपसी प्रेम, विश्वास और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा माना जाता है। इस दिन अनेक विवाहित महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं। शाम को चंद्रमा की पूजा करने के बाद पारंपरिक विधि से अपना व्रत खोलती हैं।
त्योहार के अवसर पर परिवार के सदस्य एक साथ समय बिताते हैं। विशेष रूप से पति-पत्नी के लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि ऐसे कई पेशे और सेवाएं हैं, जहां त्योहार होने के बावजूद कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहना पड़ता है।
पुलिस विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन विभाग, सेना और आपदा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारियां सामान्य कार्यालयों से अलग होती हैं। इन विभागों में आपातकालीन परिस्थितियों के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार त्योहारों के दौरान भी ड्यूटी करनी पड़ती है।
इसी संदर्भ में आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा हो रही है। अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश कैडर की 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और अपने पेशेवर तथा व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी तस्वीरें साझा करती रही हैं।
अंशिका वर्मा ने वर्ष 2026 में आईपीएस अधिकारी केके बिश्नोई से विवाह किया था। दोनों अधिकारियों की शादी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी थी। विवाह से जुड़ी तस्वीरों और पारंपरिक कार्यक्रमों को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा था।
पुलिस सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के लिए त्योहारों के समय एक साथ रहना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अलग-अलग स्थानों पर तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियां पारिवारिक कार्यक्रमों को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि यह कहना कि अंशिका वर्मा और उनके पति ने इस वर्ष करवाचौथ अलग-अलग स्थानों पर मनाया, फिलहाल पुष्ट नहीं है। संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की मूल सामग्री और उसके संदर्भ की पुष्टि आवश्यक है।
करवाचौथ के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में महिला अधिकारियों ने पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ त्योहार की परंपराओं का पालन किया। चंडीगढ़ और पंचकूला में तैनात कई महिला अधिकारियों के अनुभव भी सामने आए।
पंचकूला की डीसीपी अदिति सिंह ने करवाचौथ के अवसर पर बताया कि पुलिस सेवा में आपातकालीन परिस्थितियां कभी भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए हमेशा पूरा समय निकाल पाना संभव नहीं होता।
अदिति सिंह के अनुसार, विवाह के बाद उनका यह पहला करवाचौथ था। उन्होंने त्योहार के महत्व को पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और साथ की भावना से जोड़ा।
वहीं चंडीगढ़ में तैनात संयुक्त सचिव राधिका सिंह ने भी कार्यस्थल पर रहते हुए करवाचौथ का व्रत रखने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कई बार कार्यालय के काम के बीच ही चंद्रमा निकलने का इंतजार करना पड़ता है।
राधिका सिंह ने अपने अनुभव में यात्रा के दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से पति के साथ करवाचौथ की रस्म निभाने का भी उल्लेख किया।
इसी तरह पंजाब की संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवनीत बल ने भी बताया कि वह कई वर्षों से कार्यालय की जिम्मेदारियों के साथ करवाचौथ का व्रत रखती रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में सहकर्मियों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है।
इन अनुभवों से स्पष्ट होता है कि कई कामकाजी महिलाओं के लिए त्योहार मनाना केवल पारंपरिक रस्में निभाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन्हें अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ समय का संतुलन भी बनाना पड़ता है।
पुलिस विभाग में त्योहारों के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारियां कई बार बढ़ जाती हैं। बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।
करवाचौथ जैसे त्योहार पर बाजारों में खरीदारी, मंदिरों में पूजा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण भीड़ बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान देना पड़ता है।
महिला पुलिसकर्मियों के लिए भी यह स्थिति अलग चुनौती प्रस्तुत कर सकती है। वे परिवार के साथ त्योहार मनाने की इच्छा रखते हुए भी निर्धारित ड्यूटी से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाती हैं।
हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस प्रशासन ने महिला कर्मचारियों को त्योहार मनाने के लिए विशेष सुविधा भी दी। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने करीब 700 महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ के अवसर पर विशेष अवकाश देने की घोषणा की थी।
इस निर्णय का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराना था।
करवाचौथ के अवसर पर सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई हस्तियों ने भी अपने परिवार के साथ त्योहार मनाया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पति मनीष गुप्ता के साथ करवाचौथ की पूजा की तस्वीरें साझा कीं।
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पत्नी गीता धामी के साथ पारंपरिक विधि से त्योहार मनाया। सोशल मीडिया पर इन आयोजनों से जुड़ी तस्वीरें सामने आईं।
इस बीच अंशिका वर्मा की तस्वीर को लेकर चर्चा आवश्यक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के संतुलन की ओर भी ध्यान दिलाती है।
पुलिस अधिकारी के रूप में काम करने वाले लोगों को कई बार निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी करनी पड़ती है। आपातकालीन घटनाओं के दौरान उन्हें तत्काल कार्यस्थल पर पहुंचना होता है। इससे पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना प्रभावित हो सकती है।
ऐसी परिस्थितियों में परिवार के सदस्यों का सहयोग और कार्यस्थल की व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आधुनिक संचार माध्यम भी दूर रहने वाले परिवारों को त्योहारों के अवसर पर एक-दूसरे से जुड़े रहने का अवसर देते हैं।
त्योहारों के दौरान आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले लोगों की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनकी उपस्थिति से सार्वजनिक व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहती हैं।
फिलहाल आईपीएस अंशिका वर्मा से जुड़ी करवाचौथ की तस्वीर की चर्चा के बीच पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में काम करने वाली महिलाओं तथा पुरुषों की जिम्मेदारियां भी ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
यह अवसर इस बात पर विचार करने का भी है कि सार्वजनिक सेवा में काम करने वाले कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ पारिवारिक जीवन के लिए उचित अवसर कैसे उपलब्ध कराए जाएं।





