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Dengue, से लड़ाई में भारत को सफलता, अब बिना जांच लग सकेगी क्यूडेंगा वैक्सीन

Ratna Netam
20 July 2026 2:42 PM IST
Dengue, से लड़ाई में भारत को सफलता, अब बिना जांच लग सकेगी क्यूडेंगा वैक्सीन
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New Delhi नई दिल्ली : भारत में डेंगू के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। जापानी दवा निर्माता कंपनी टाकेडा फार्मास्युटिकल की डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (QDENGA) को भारतीय ड्रग रेगुलेटर से स्वीकृति मिल गई है। कंपनी की भारतीय इकाई ने सोमवार को इसकी जानकारी साझा की।

यह वैक्सीन भारत में स्वीकृत होने वाली पहली डेंगू वैक्सीन बन गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन की मंजूरी डेंगू नियंत्रण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। हर साल देश के कई राज्यों में डेंगू के मामले सामने आते हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। ऐसे में वैक्सीन उपलब्ध होने से बीमारी की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है।

टाकेडा फार्मास्युटिकल के अनुसार, क्यूडेंगा एक टेट्रावेलेंट लाइव-अटेनुएटेड वैक्सीन है। इसे डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकारों (सेरोटाइप) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। डेंगू वायरस के अलग-अलग वेरियंट के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है, इसलिए ऐसी वैक्सीन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी जो व्यापक सुरक्षा दे सके।

कंपनी ने बताया कि इस वैक्सीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे ऐसे लोगों को भी दिया जा सकता है जिन्हें पहले कभी डेंगू संक्रमण हुआ हो या नहीं हुआ हो। यानी टीकाकरण से पहले व्यक्ति को डेंगू की जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे वैक्सीनेशन प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सकेगा।

कंपनी के मुताबिक, लंबे समय तक किए गए क्लिनिकल अध्ययनों के आंकड़ों से पता चला है कि क्यूडेंगा डेंगू संक्रमण के जोखिम को कम करने में प्रभावी है। इसके अलावा यह डेंगू के कारण गंभीर स्थिति बनने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम करने में भी मदद कर सकती है।

भारत जैसे देश में डेंगू एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। मानसून के दौरान मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू के मामलों में तेजी देखी जाती है। खासकर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और मच्छरों के प्रजनन के कारण बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। अभी तक डेंगू से बचाव के लिए मुख्य रूप से मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और संक्रमित मरीजों की देखभाल पर ही जोर दिया जाता था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन के आने से डेंगू नियंत्रण की रणनीति को मजबूती मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण अभियान और व्यक्तिगत सावधानी भी जरूरी रहेगी।

टाकेडा फार्मास्युटिकल की यह वैक्सीन दुनिया के कई देशों में पहले से उपयोग की जा रही है। भारत में मंजूरी मिलने के बाद अब इसके इस्तेमाल और उपलब्धता से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

डेंगू के खिलाफ यह उपलब्धि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह वैक्सीन डेंगू के मामलों को कम करने और गंभीर संक्रमण से लोगों की सुरक्षा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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