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Oman की खाड़ी में हमले पर भारत की कड़ी आपत्ति, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से उठाया मुद्दा

Kavita2
13 Jun 2026 9:59 AM IST
Oman की खाड़ी में हमले पर भारत की कड़ी आपत्ति, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से उठाया मुद्दा
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Delhi दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ फोन पर बातचीत कर ओमान की खाड़ी में एक कमर्शियल जहाज पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले का मुद्दा उठाया। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जिसे लेकर भारत ने गंभीर आपत्ति जताई है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय यूरोप के दौरे पर हैं, जहां से उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने स्पष्ट रूप से भारतीय नागरिकों की मौत पर चिंता और विरोध दर्ज कराया।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मामले पर भारत की गंभीर आपत्ति को दोहराया।

विदेश मंत्री के अनुसार, भारत इस घटना को लेकर गहरी चिंता में है और वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने अमेरिकी पक्ष के समक्ष यह मुद्दा मजबूती से उठाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं पर स्पष्टता और जवाबदेही आवश्यक है।

यह मामला ओमान की खाड़ी में हुए उस सैन्य हमले से जुड़ा है, जिसमें एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया था। इस घटना के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिससे भारत में शोक और चिंता का माहौल है।

भारतीय पक्ष ने इस घटना के बाद राजनयिक स्तर पर बातचीत तेज कर दी है और अमेरिका से इस मामले में विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण की मांग की है। विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मृतकों के परिवारों से संपर्क में है।

जयशंकर की इस बातचीत को भारत की ओर से एक मजबूत कूटनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसमें यह संकेत दिया गया है कि देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इस बातचीत को लेकर औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर आगे भी संवाद जारी रहने की संभावना है।

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी के बावजूद इस घटना ने एक संवेदनशील मुद्दा खड़ा कर दिया है। अब इस मामले में आगे की कूटनीतिक बातचीत और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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