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UNSC में भारत का कड़ा संदेश, आतंकियों की ढाल बनने वालों को चेतावनी

Kavita2
20 Aug 2026 9:30 AM IST
UNSC में भारत का कड़ा संदेश, आतंकियों की ढाल बनने वालों को चेतावनी
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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर अपना सख्त रुख दोहराया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवादियों को संरक्षण देने या उनकी सूचीबद्धता की प्रक्रिया में राजनीतिक बाधाएं खड़ी करने की कोशिश बंद होनी चाहिए। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को किसी भी देश के संकीर्ण राजनीतिक हितों को साधने का माध्यम नहीं बनने दिया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर आयोजित एक चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि योजना पटेल ने आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना उन देशों पर निशाना साधा, जो आतंकवादियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में अड़चन पैदा करते हैं।

आतंकियों की लिस्टिंग में राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध

भारत ने कहा कि आतंकवाद आज भी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में शामिल है। ऐसे में आतंकवादियों की पहचान और उन्हें प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रभावी होनी चाहिए।

योजना पटेल ने कहा कि आतंकवादियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया को राजनीतिक हितों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जा सकते।

भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर आतंकवादी संगठनों और उनके समर्थकों को लेकर बहस होती रही है।

पाकिस्तान और चीन के रवैये पर अप्रत्यक्ष हमला

भारत ने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उसका निशाना स्पष्ट रूप से पाकिस्तान और चीन की ओर माना जा रहा है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने और उनके खिलाफ कार्रवाई में कमी बरतने का आरोप लगाता रहा है।

वहीं, चीन पर भारत आरोप लगाता रहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र में कुछ आतंकियों की सूचीबद्धता के प्रस्तावों पर तकनीकी रोक लगाकर प्रक्रिया में देरी करता है। भारत का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।

UNSC की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है, जब वह वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटे और सभी देशों के साथ समान व्यवहार करे।

भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद को ऐसे मंच के रूप में काम करना चाहिए, जहां अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर निष्पक्ष फैसले लिए जाएं। किसी भी देश को अपने राजनीतिक हितों के लिए परिषद की प्रक्रियाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का पुराना रुख

भारत कई वर्षों से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कड़े कदम उठाने की मांग करता रहा है। भारत का कहना है कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और इसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए।

भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाया है कि आतंकवादियों को आर्थिक मदद, प्रशिक्षण या सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

वैश्विक सहयोग की अपील

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सभी सदस्य देशों से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए। भारत ने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश या क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मजबूत सहयोग और प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत बताई, ताकि आतंकवादी नेटवर्क और उनके समर्थकों पर कार्रवाई की जा सके।

भारत की कूटनीतिक सक्रियता जारी

UNSC में भारत का यह बयान उसकी लगातार चल रही कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ मजबूत व्यवस्था की मांग करता रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का संदेश स्पष्ट है कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीतिक रुकावट स्वीकार नहीं की जाएगी। भारत चाहता है कि वैश्विक संस्थाएं आतंकवाद के खिलाफ बिना भेदभाव के ठोस कदम उठाएं।

आने वाले समय में भी संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग को लेकर भारत अपनी स्थिति मजबूती से रखता रहेगा।

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