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भारत का पाकिस्तान पर तीखा वार, PoK में लोकतंत्र नहीं, दमन का खेल जारी

Ratna Netam
4 Aug 2026 6:59 PM IST
भारत का पाकिस्तान पर तीखा वार, PoK में लोकतंत्र नहीं, दमन का खेल जारी
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नई दिल्ली : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रस्तावित चुनावों को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान वहां खोखले और दिखावटी चुनाव कराकर अपनी दमनकारी नीतियों को वैध ठहराने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि वहां जनता के विरोध को गोलियों, इंटरनेट बंदी और दमन के जरिए दबाया जा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों और वहां की बर्बर कार्रवाई के लिए जवाबदेह ठहराए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कराए जाने वाले तथाकथित चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक राजनीतिक दिखावा हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चुनावों के माध्यम से अपनी कार्रवाई को कानूनी रूप देने का प्रयास कर रहा है, जबकि वहां की जमीनी हकीकत लगातार बढ़ते जनविरोध और सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई से पूरी दुनिया के सामने है।
भारत का कहना है कि जून 2026 से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 90 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी स्थानीय प्रशासन की नीतियों और पाकिस्तान सरकार के रवैये का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जनता की आवाज दबाने के लिए गोलीबारी, इंटरनेट सेवाएं बंद करने और कठोर दमनकारी उपायों का सहारा ले रहा है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अब इसी दमन को चुनावी प्रक्रिया की आड़ में वैधता देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव कराने से वहां की वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती। यदि जनता को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है और विरोध करने वालों पर गोलियां चलाई जा रही हैं, तो ऐसी चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र का प्रतीक नहीं मानी जा सकती।
भारत ने इस पूरे मामले में विश्व समुदाय से भी हस्तक्षेप की अपील की है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकारों की बात करता है, लेकिन PoK में वही सरकार लोगों के अधिकारों का खुला उल्लंघन कर रही है। इसलिए दुनिया को पाकिस्तान के इन दावों के पीछे की वास्तविकता को समझना चाहिए और उसे उसके कृत्यों के लिए जवाबदेह बनाना चाहिए।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा के पास हॉवित्जर तोपों की तैनाती को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की क्षमता और पराक्रम पूरी दुनिया ने देखा है। भारत की प्राथमिकता सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाते रहेंगे।
सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भी भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकवादी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और उन्हें पूरी तरह ध्वस्त करे। भारत लंबे समय से सभी देशों से आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील करता रहा है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संपर्कों पर पाकिस्तान की आपत्तियों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ऐसी टिप्पणियां उसकी हताशा को दर्शाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ आपसी हितों और सहयोग के आधार पर संबंध विकसित करता रहेगा और किसी तीसरे देश की आपत्तियों से उसकी विदेश नीति प्रभावित नहीं होगी।
भारत के इस स्पष्ट रुख से संकेत मिला है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में होने वाली गतिविधियों पर नई दिल्ली लगातार नजर बनाए हुए है और मानवाधिकार, आतंकवाद तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाती रहेगी।
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